
जयपुर. आगरा रोड स्थित एक बंद पड़े क्लब में घूम रही मादा पैंथर को पिंजरे में पकडऩा वन विभाग की रेस्क्यू टीम के लिए चुनौती साबित हो रहा है। स्थिति ये है कि वो दो दिन से पिंजरे में कैद अपने शावक को देखने आ रही है और वापस लौट जाती है। रेस्क्यू टीम उसे बिना ट्रेंकुलाइज पकडऩा चाहती है लेकिन वो इसमें नाकाम साबित हो रही है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी जनेश्वर चौधरी ने बताया कि यहां कई दिनों से पैंथर की मूवमेंट की सूचना थी। उसे पकडऩे के लिए पिंजरा लगाया गया। रविवार रात को पैंथर पिंजरे में कैद नहीं हुई लेकिन उसका शावक कैद हो गया। इसके बाद एक और पिंजरा लगाया गया ताकि वह उसे भी पकड़ा जा सके। उसे शिकार का लालच देने के लिए पिंजरे में बकरा भी छोड़ा गया है। इसके बावजूद भी वह उसके पिंजरे में घुसने की बजाय उसके पास आकर लौट गई। मंगलवार रात को भी मादा पैंथर क्लब की छत पर बैठी रही।
लोगों में भय का माहौल
क्लब से थोड़ी दूरी पर आबादी क्षेत्र है। पैंथर की मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद से यहां रहने वाले लोगों मेे भय का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि जब तक वन विभाग की टीम पैंथर का रेस्क्यू नहीं कर लेगी तब तक चैन नहीं आएगा।
भोजन की तलाश में भटकने को मजबूर
राजधानी से जुड़े वन क्षेत्र में 70 से ज्यादा पैंथर रहते है। आगरा रोड का जंगल झालाना व गलता के जंगल से जुड़ा हुआ है।यहां पैंथरों की आवाजाही रहती है। इन जंगलों में पैंथरों के लिए भोजन के पर्याप्त इंतजाम नहीं है इसलिए वे भोजन की तलाश में भटककर आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। ऐसा न केवल उनके बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है। आए दिन ऐसे हालात देखे जा रहे हैं।
फैक्ट
- 10 दिन से शावक के साथ इधर घूम रही थी मादा पैंथर।
- 48 घंटे के पिंजरे में कैद है पैंथर शावक।
- 2 पिंजरे लगा रखे रेस्क्यू के लिए।
- 24 घंटे निगरानी में जुटे वनकर्मी।
- 3 कैमरा ट्रैप भी लगाए गए।
Updated on:
03 May 2023 09:19 am
Published on:
03 May 2023 09:17 am

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
