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10वीं और 12वीं की परीक्षा आज से, घबराएं नहीं विद्यार्थी परीक्षा से पहले इन बातों को रखें ध्यान

परीक्षा के समय बच्चे तनाव ले बैठते हैं या हड़बड़ा जाते हैं लेकिन ऐसी स्थितियों से आसानी से बचा जा सकता है...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Mar 05, 2018

exam

जयपुर। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की सालाना परीक्षाएं सोमवार से शुरू होंगी। देश के अजमेर , नई दिल्ली, इलाहाबाद, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, देहरादून, पंचकुला, गुवाहाटी, पटना, भुवनेश्वर रीजन के 28 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षाएं 13 अप्रेल को खत्म होंगी।


विद्यार्थी परीक्षा से पहले यूं करें
अनेक बच्चों की परीक्षाएं सोमवार से शुरू होंगी। प्राय: परीक्षा के समय बच्चे तनाव ले बैठते हैं या हड़बड़ा जाते हैं लेकिन ऐसी स्थितियों से आसानी से बचा जा सकता है। ऐसे दूर हो सकती हैं परेशानियां, ऐसे आसान हो सकती है परीक्षा अगर आप रखेंगे इन बातों का ध्यान ...

बच्चों के लिए
- प्रथम रूप से सिलेबस का पूर्ण ज्ञान रखें, टीचर्स से इस संबंध में सम्पूर्ण जानकारी हासिल करें।
- पढ़ाई मेज-कुर्सी पर बैठकर ही करें। इससे एग्जाम रूम जैसा वातावरण महसूस होगा, आपकी स्टेट डिपेंडेंट मैमोरी सधेगी।
- परीक्षा पूर्व रिवीजन के लिए छोटे नोट्स बनाएं, जिससे कम समय में ज्यादा फायदा हो। समय के मैनेजमेंट के साथ बीच में ब्रेक लेना भी जरूरी है।
- माता-पिता व परिजनों से नियमित अंतराल पर बातचीत करते रहें, अपने मन की बात उनसे साझा करें।
- पढ़ते समय पर्याप्त लाइट हो, व्यवधान कम हो। पर्याप्त पेय और उचित भोजन नियमित तौर पर लें।
- कुछ समय वॉकिंग, व्यायाम या रिलैक्स होने के अन्य साधनों को दें। यह नई स्फूर्ति देता, तनाव मुक्त रखता है।
- नींद का नियमित अनुसरण करते रहें। एग्जाम से पहली रात को अच्छी नींद लें। ज्यादा देर रात तक जागने से अगले दिन एकाग्रता में कमी व याददाश्त में बाधा आ सकती है।
- परीक्षा की सुबह अच्छा नाश्ता लें, पानी पीएं। परीक्षा समय से निश्चित समय पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचें ताकि हड़बड़ी नहीं रहे।
- परीक्षा के दौरान हड़बड़ी न करें, दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ें। आवश्यकता पडऩे पर इन्विजिलेटर से पूछने में संकोच न करें।

अभिभावकों के लिए
बच्चों से वार्तालाप बनाए रखें, प्रोत्साहित करें। वे अनावश्यक तनाव में न रहें। समय पर सुलाऐं, संतुलित डाइट दें, मनोबल बढ़ाएं। अनावश्यक अपेक्षाएं न लादें, अन्य बच्चों से तुलना न करें। खुद कोई तनाव महसूस करते हैं तो बच्चों पर जाहिर नहीं होने दें।
डॉ. अखिलेश जैन, विभागाध्यक्ष, मनोरोग विभाग, ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल

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