
kuchaman. Sambhar Lake blossoming with Grater Flamingo
जयपुर
सांभर झील में लगातार हो रही पक्षियों की मौत के मामले में अब केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया हैं। हालांकि राज्य के वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों और टीम ने लगातार झील क्षेत्र में रेस्क्यू आपरेशन चला रखा है लेकिन फिर भी झील में पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी हैं। अब सांभर झील में पक्षियों के मौत के मामले को देखते हुए भारत सरकार भी गंभीर हो गई हैं। केंद्र सरकार की ओर से मौत के कारणों का पता लगाने के लिए साइंटिस्टों की दो टीम आज जयपुर पहुंचेगी। जो झील पर पहुंच कर जांच करेगी और पक्षियों की मौत का सिलसिला खत्म हो इसके लिए प्रयास करेगी। वहीं भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आइवीआरआइ) की टीम आज झील क्षेत्र में पहुंच कर सैंपल जुटाएगी। हालांकि पक्षियों की मौत कैसे हो रही है इसको लेकर अभी तक सस्पेंस बना हुआ हैं। कोई भी ऐसी जांच रिपोर्ट अभी तक ऐसी सामने नहीं आई है जिसमें किसी भी कारण के बारे में स्पष्ट पता लग सकें कि पक्षियों की मौत कैसे हुई हैं। इस कारण से अभी तक वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी किसी भी निष्कर्ष या उपाय पर नहीं पहुंच सकें। विभाग के अधिकारियों के पास मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं लगने के कारण अब सिर्फ रेस्क्यू आॅपरेशन ही उपाय बचा हैं।वहीं विभाग अभी भी भोपाल और बरेली से आने वाली जांच रिपोर्ट के भरोसे बैठी है। वहीं आज आइवीआरआइ टीम भी आने के बाद सैंपल जुटाए जाएंगे। लेकिन जब तक रिपोर्ट आएगी जब तक ओर पक्षियों की मौत हो चुकी होगी। क्योकि लैब में सैंपल जाकर जांच होकर वापस लौटने में कम से कम तीन दिन का समय तो लगेगा। ऐसे केंद्र की ओर से गठित टीम के आने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रवासी पक्षियों के मौत का कारण का पता चलने के आसार हैं। गौरतलब है कि सांभर झील में अब तक 20 हजार से ज्यादा पक्षी दफनाएं जा चुके हैं। यह संख्या अभी ओर भी बढ़ सकती हैं। वहीं झील में रेस्क्यू सेंटर में जा रहे घायल पक्षियों में से सिर्फ आधे ही बच पा रहे हैं।
Published on:
18 Nov 2019 09:03 am

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