जयपुर। शहर में चातर्मुस के लिए प्रवासतर दिगंबर जैन संतों की रविवार को वर्ष 2023 के वर्षा योग चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना हुई। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गण शामिल हुए। इस मौके पर ध्वजारोहण, मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, श्रीफल भेंट, सम्मान, प्रवचन हुए। इंद्रदेव ने अमृत बरसाकर इस दिन को खास बनाया।
प्रतापनगर सेक्टर आठ जैन मंदिर
प्रतापनगर सेक्टर आठ जैन मंदिर में आचार्य सौरभ सागर के चातुर्मास कलश स्थापना का कार्यक्रम पास ही स्थित पंडाल में हुआ। प्रदेशभर, दिल्ली, हरियाणा से भक्त पहुंचे। आचार्य ने प्रवचन में कहा कि चातुर्मास वह साधना है, जिसमें व्यक्ति अंतर हृदय की जागृति के साथ जीवन जीता है। चातुर्मास काल में साधक जो करता है, वह विवेक- ज्ञान रखकर साधना संपन्न करता है। जीवन में संस्कार का विशेष महत्व है। यदि हम संस्कारशील नहीं रहेंगे तो हमारी आने वाली पीढिय़ां को संस्कार कैसे मिलेगा। संस्कार के बिना समाज व देश आगे नहीं बढ़ सकता। अध्यक्ष कमलेश जैन ने बताया कि रमेश-माया, आलोक तिजारिया, राजीव, सीमा जैन, भारतभूषण जैन, चेतन जैन, जिनेंद्र जैन, सहित अन्य भक्त मौजूद रहे।
आमेर के संकटहरण पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर
– मुनि उपाध्याय ऊर्जन्तसागर का आमेर के संकटहरण पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में 30 वां चातुर्मास कलश स्थापना समारोह हुआ। वर्षा योग समिति के मुख्य संयोजक रूपेंद्र छाबड़ा और दौलत जैन ने बताया कि शहरभर सहित अन्य जगहों से भक्त यहां पहुंचें। विधानाचार्य रमेश गंगवाल ने बताया कि ध्वजारोहण शोभा देवी, सुनील, पदम, सुदीप पंसारी परिवार ने किया। आचार्य ने कहा कि चातुर्मास में सभी को गुरु की सेवा का समय प्राप्त होगा। बीज छोटा सा होता हैऔर वह वट वृक्ष के समान हो जाता है। अतः श्रावकों को आहार दान कर अपने पुण्य को वोट वृक्ष समान बनाना चाहिए। बाबूलाल ईटूंदा, मनीष बैद ने बताया कि रोजाना सुबह मुनि के प्रवचन हांगे। सोमवार को गुरू पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा।
-आर्यिका भरतेश्वरमति ससंघ का बगरू आदिनाथ जैन मंदिर में कलश स्थापना समारोह हुआ।
– बाड़ा पदमपुरा में आचार्य चैत्य सागर ससंघ की चातुर्मास मंगल कलश स्थापना हुई।
ये होंगे आयोजन
-आर्यिका विशेषमति का जनकपुरी के मंदिर में मंगलवार सुबह 7.15 बजे से चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह होगा।
– आचार्य नवीन नन्दी का शुक्रवार को बरकतनगर मंदिर में सुबह 7.30 बजे भव्य मंगल प्रवेश होगा और रविवार को वर्षायोग मंगल कलश स्थापना समारोह होगा।