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राजस्थान में सरकार ने सीएनजी नेटवर्क मजबूत करने के लिए की ये बड़ी घोषाणा-औद्योगिक भूखंड की 50 प्रतिशत भूमि पर स्थापित हो सकेगा सीएनजी स्टेश

जल्द पूरी होगी राजस्थान में संस्ते ईंधन की आस

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जयपुर. राज्य सरकार ने प्रदेश में सीएनजी स्टेशनों के नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला किया है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग, शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में रीको द्वारा आवंटित औद्योगिक भूखंड की 50 प्रतिशत भूमि पर सीएनजी स्टेशन स्थापित हो सकेंगे। रीको ने इसके लिए छूट दे दी है।
सरकार में उच्च स्तर पर सीएनजी नेटवर्क के विस्तार की समीक्षा की गई तो स्टेशन की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होना बड़ी समस्या माना गया।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी जमीन मिलना तो और भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में प्रदेश में नए स्टेशनों की स्थापना का काम लगभग ठप हो गया। मामला शीर्ष स्तर पर पहुंचा तो रीको के अफसरों ने आवंटित भूखंडों की 50 प्रतिशत भूमि पर सीएनजी स्टेशन की स्थापना देने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जिसे स्वीकार कर लिया गया।
रीको के अधिकारियों ने बताया कि चूंकि भूखंड औद्योगिक श्रेणी में आवंटित हुआ है और सीएनजी स्टेशन की स्थापना व्यावसायिक श्रेणी में रखी गई है। ऐसे में भूखंड मालिक को निर्धारित शुल्क राज्य सरकार को देने के बाद सीएनजी स्टेशन की स्थापना करा सकेगा।
अभी राजस्थान में सीएनजी स्टेशन कम संख्या मेें खुले हैं। कंपनियां स्टेशन खोलना तो चाहती हैं लेकिन उनको जगह नहीं मिलती है। उधर सीएनजी गैस पर चलने वाले वाहनों की संख्या कम होने और मुनाफा कम होने के कारण लोग पेट्रोल पंप तो खोलना चाहते हैं लेकिन सीएनजी स्टेशन खोलने से दूरी बना रहे हैं। सरकार सीएनजी नेटवर्क को मजबूत करने के साथ ही घर घर पाइप लाइन से गैस पहुंचाने के प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम कर रही है। जयपुर में मार्च 2023 से पाइप लाइन से गैस कनेक्शन देने की शुरूआत की जाएगी।