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होली से पहले दिए कांग्रेसियों के धरने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी थी, फिर ठीक ही नहीं हुए। इंतकाल होने पर रविवार रात उन्हें कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। 1994 में नगर निगम बनने पर लगातार 5 बार पार्षद रहे और कभी नहीं हारे...
ऐेसे थे कांग्रेस के कद्दावर नेता गुलाम नबी
राजस्थान की राजधानी में वर्ष 1994 में नगर निगम की स्थापना हुई। तब गुलाम नबी नामक एक ऐसी शख्सियत सामने आई, जो लगातार निगम के चुनावों में जीती। गुलाम नबी की कार्यशैली ऐसी थी कि उन्हें सामने वाला हरा नहीं पाया। मानो हार उनकी गुलाम हो गई हो। नगर परिषद से लेकर नगर निगम बनने तक 7 बार पार्षद रहे। नगर निगम चुनाव जीतकर वह लगातार पांच बार पार्षद रहे और कभी नहीं हारे।
कांग्रेसियों के धरने से ही डिगी तबीयत
प्रदेश में विपक्षी दल कांग्रेस ने इस वर्ष होली पर सरकार के विरुद्ध धरना दिया। हाजी गुलामनबी नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल के नेता थे, सो वह धरने में शामिल हुए। तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए भेजा गया, लेकिन ठीक नहीं हुए। रविवार को 77 वर्ष की उम्र में उनका इंतकाल हो गया।
परिवार है ऐसा
गुलामनबी के परिवार में उनके दो पुत्र मोहम्मद युनूस और शहजाद नबी हैं। तीन पुत्रियां हैं। अभी वार्ड 76 से उनके पुत्र शहजाद नबी कांग्रेस से वार्ड अध्यक्ष हैं। गुलामनबी की पत्नी सरोज नबी भी बीमारी के चलते एमएसएस हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
jaipur/jaipur-municipal-corporation-s-member-gulam-nabi-die-today-shut-period-2554467.html">Read: नहीं रहे कांग्रेस नेता गुलाम नबी, जयपुर नगर निगम में शोक की लहर
नेताओं द्वारा शोक-संवदेना
गुलामनबी को रात साढ़े दस बजे शास्त्री नगर कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। नबी के इंतकाल पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, मेयर अशोक लाहोटी, पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने शोक जताया। उनके पुत्र शहजाद, जो कांग्रेस से वार्ड अध्यक्ष हैं, वह आंगतुकों की देखभाल में लगे हैं।
Published on:
24 Apr 2017 03:46 pm
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