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मकर संक्रांति के त्योहार पर भी महंगाई की मार

जयपुर में घटे कारीगर, अब यहां से महंगे दामों में मंगवा रहे पतंगे

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मकर संक्रांति के त्योहार पर भी महंगाई की मार

जयपुर. मकर संक्रांति के त्योहार पर भी महंगाई की मार पड़ी है, इस बार पतंग की कीमतों के कारण शहर के लोगों का उत्साह कुछ फीका पड़ता दिख रहा है। 5 फीसदी जीएसटी लगने के बाद पतंगों के दाम चौंका रहे हैं। पतंग कारोबारियों का कहना है कि पिछली साल पतंगों पर 5 फीसदी जीएसटी के कारण महंगाई का असर देखने को मिला था। कारोबारियों की मानें तो कागज पर पहले से ही 12 फीसदी टैक्स लगा हुआ है, इसके अलावा 5 फीसदी जीएसटी के इस लघु उद्योग की कमर टूट गई। कारीगर इस उद्योग से कट गए। ऐसे में पतंग बनाने वाले कारीगरों की कमी आने के कारण स्टॉक कम होने लगा। जयपुर में बरेली और कानपुर से पतंगें आ रही हैं, लेकिन उनके दाम अधिक हैं।

जयपुर की पतंग अपेक्षाकृत सस्ती
15 फीसदी दामों में उछाल आने के बाद बरेली और कानपुर की पतंगों की कीमत बढ़ गई है। ऐसे में जयपुर निर्मित पतंगे उनसे सस्ती हंै। लोग बरेली की बजाय जयपुर की पतंगें खरीद रहे हैं। बरेली और जयपुर की पतंगों पर 150 रुपए तक का अंतर आ रहा है। परकोटा में हर गली में दुकानें सजी गई हैं। वहीं जयपुर की पतंग मंडी हांडीपुरा में खरीददारों का मेला सा लगा हुआ है।

बैन के बीच मांझे में भी 'तेजी'
शहर में पतंग-डोर के बाजार में चायनीज मांझे के उपयोग में बैन के बीच साधारण मांझे की कीमतों में ही उछाल आ गया है। मांझे की कीमतों में इस बार की मकर संक्रान्ति पर 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो गई है। लोग अमूमन बरेली के मांझे को खरीदना पसंद कर रहे हैं। लोगों में सबसे ज्यादा डिमांड होने के कारण मांझे का स्टॉक धीरे-धीरे बाजार में निकाला जा रहा है।

यह है पतंगों का गणित
100 पतंगें 450 रुपए तक आ रही है बरेली की
200 रुपए तक जयपुर की पतंगें उपलब्ध हैं बाजार में
20 हजार अधिक पतंग कारीगर हैं जयपुर में
05 हजार से अधिक बड़ी दुकानें लगती हैं पतंगों की
500 बड़े विक्रेता हैं शहर में पतंगों के
20 से अधिक बड़े दुकानदार सदस्य हैं पतंग विक्रेता संघ में
300 रुपए तक रोज का मेहनताना मिलता है कारीगर को
40 करोड़ का सालाना करोबार है राजस्थान, यूपी, दिल्ली का
15 करोड़ का कारोबार अकेले जयपुर का

ये बोले व्यापारी
जीएसटी के बाद अब कारीगरों की कमी के कारण कीमतें बढ़ गई हैं। लघु उद्योग से टैक्स और जीएसटी हटनी चाहिए।
कृष्णमुरारी अग्रवाल, अध्यक्ष, जयपुर पतंग उद्योग एवं विक्रेता संघ

5 फीसदी जीएसटी है। जीएसटी में कोई राहत नहीें मिली। पिछली बार जीएसटी और इस बार महंगाई लोगों की कमर तोड़ रही है। बलराम गुप्ता, व्यापारी

चोर भी उड़ाएंगे पतंग! 125 चरखे किए पार
शास्त्री नगर थाना इलाके में चोरों ने पतंग की दुकान को भी नहीं छोड़ा। रात में दुकान पर घात लगाकर बैठे चोरों ने नकदी और मांझे के चरखे चुरा लिए। पुलिस ने बताया कि मदीना नगर निवासी मोम्मद जाकिर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि उसकी शास्त्री नगर आर.सी. सेंटर में पतंग की दुकान है। सात जनवरी को रात वह दुकान बंद करके घर गया था। अगले दिन पास के दुकानदारों ने चोरी की सूचना दी। पीडि़त ने जाकर देखा तो दुकान का ताला टूटा था और शटर ऊंचा था। चोर 125 मांझे के चरखे और 25 हजार रुपए चुरा ले गए।


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