21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मामूली नहीं महत्वपूर्ण हैं दालें

भारतीय रसोई की एक अहम सब्जी है दाल। हर एक घर में यह बनती है। लेकिन दूसरी तरफ दाल को साधारण सब्जी समझाने की अवधारणा प्रचलित है। दाल अपने गुणों में असाधारण है और खुद में कई खूबियां समेटे हुए हैं। इसके खास होने की वजह है कि हर दूसरी सब्जी के रूप में दाल होती है और हर छोटे-बड़े मौके पर इसे बनाया जाता है। आइए जानते हैं कितनी अहम हैं ये दालें।

2 min read
Google source verification
daal

daal

कैलोरी
हमें एक्टिव बने रहने में कैलोरी और प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। दालों में अच्छी खासी मात्रा में कैलोरी होती है। 100 ग्राम दाल में 1000 से 1500 तक कैलोरी मौजूद होती है। इसी तरह दालों में प्रति 100 ग्राम में 20 से 30 ग्राम प्रोटीन होता है। सोयाबीन की दाल में तो और भी ज्यादा प्रोटीन होता है। शरीर के विकास में महत्वपूर्ण माने जाने वाले अमीनो एसिड दालों में काफी होता है। दालों में विटामिन बी, ई और ए तो होता ही है। इनके अलावा अंकुरित मूंग दाल में विटामिन सी भी काफी ज्यादा होता है। स्पष्ट है कि दालें प्रोटीन, कैलोरी और विटामिन्स का खजाना होती हैं।

अंकुरित दालें
अंकुरित दालें पोषक तत्वों का खजाना होती हैं। इनमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। अंकुरित दालों में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी1, विटामिन बी6 और विटामिन के होता है। इनमें आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्निशियम, फास्फोरस, मैगनीज भी काफी होता है। इसमें फाइबर, फोलेट और ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है। अंकुरित दालों में प्रोटीन भी काफी पाया जाता है। अंकुरित दालें खाने के बाद आसानी से पच जाती हैं। यह असली रूप में होती है और नहीं पकने की वजह से इनमें पकी दालों की तुलना में अधिक गुण होते हैं।

दालों के फायदे
अरहर की दाल पित्त, कफ और खून संबंधी विकार में राहत देती है। इस दाल में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, विटामिन ए तथा बी तत्व पाए जाते हैं। इसी तरह उड़द की दाल में फास्फोरिक एसिड अच्छी मात्रा में होता है। उड़द की दाल वात, कब्जनाशक और बलवर्धक मानी जाती है। मूंग की दाल में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट तथा रेशे पाए जाते हैं। यह दाल कफ और पित्त के मरीजों के लिए लाभदायक है। यह दाल आसानी से पच जाती है। मूंग की दाल आंखों की रोशनी बढ़ाती है। इसका हलवा शक्तिवर्धक माना जाता है।

डायटरी फाइबर
कमोबेश सभी दालों में कार्बोहाइड्रेट होता है जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। यही नहीं दाल में डायटरी फाइबर भी होता है जो हमारे लिए काफी लाभदायक होता है। हरी तुअर दाल और काबुली चने जैसी साबुत दालों में अच्छी मात्रा में डायटरी फाइबर होता है। दालों में मौजूद इनसॉल्युबल फाइबर हमारे पेट के लिए काफी उपयोगी हैं। दूसरी तरफ सॉल्यूबल फाइबर से हमारे शरीर में ब्लड कोलेस्ट्रोल कम होता है।

फैट कम
महत्वपूर्ण बात यह है कि दालों में फैट कम होता है। इनमें 2 से 6 फीसदी फैट ही पाया जाता है। दाल के खास होने की एक वजह यह भी है कि दालों में कोलेस्ट्रोल नहीं होता बल्कि इसमें कोलेस्ट्रोल को कम करने की खूबी होती है जो हमारे लिए फायदेमंद होती है।

मिनरल
पोटेशियम, आयरन, जिंक, मैग्निशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, सेलेनियम आदि मिनरल की वजह से भी दालों की अहमियत है।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग