जयपुर

Rajasthan Political: विधायक कंवरलाल की सदस्यता पर जल्द होगा निर्णय, विधानसभा अध्यक्ष ने महाधिवक्ता से मांगी विधिक राय

Kanwar lal Membership: विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र बुड़ानिया को हटाया नहीं गया है, बल्कि उन्हें पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति का सभापति बनाया गया है, जो एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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May 21, 2025
देवनानी से मंगलवार को विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित प्रतिपक्ष के सदस्‍यों ने मुलाकात की

Rajasthan Assembly: जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा है कि विधायक कंवरलाल की विधानसभा सदस्यता समाप्ति के मामले में निर्णय महाधिवक्ता की विधिक राय प्राप्त होते ही शीघ्रता से लिया जाएगा। इस संबंध में राज्य के महाधिवक्ता को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उम्मीद है कि आगामी एक-दो दिन में राय विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हो जाएगी।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में मंगलवार को विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष से मुलाकात कर विधायक कंवरलाल की सदस्यता समाप्त करने की मांग का ज्ञापन सौंपा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें न्यायसम्मत और शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया।

अध्यक्ष देवनानी ने स्पष्ट किया कि वे न्यायालय के आदेश के दिन ही इस प्रकरण पर विधिक राय के लिए महाधिवक्ता को निर्देश दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि विधायक के साथ कोई अन्याय न हो, इसके लिए अदालत के फैसले के सभी पहलुओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है और हर निर्णय संविधान व विधि के अनुरूप होगा।

समितियों में संशोधन पर भी हुई चर्चा

इस अवसर पर विपक्षी सदस्यों ने हाल ही में विधानसभा समितियों में किए गए आंशिक संशोधन को लेकर भी चर्चा की। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि वरिष्ठ सदस्य नरेंद्र बुड़ानिया को हटाया नहीं गया है, बल्कि उन्हें पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति का सभापति बनाया गया है, जो एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उनके साथ सत्तापक्ष के तीन अन्य सभापतियों को भी बदला गया है। उन्होंने यह परिवर्तन सदन के हित और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए किया है।

विधानसभा के कार्यों पर हुई सकारात्मक चर्चा

इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही, प्रश्नोत्तरी, समितियों के कार्य दिवसों समेत विभिन्न विषयों पर भी अध्यक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।

अध्यक्ष देवनानी ने दोहराया कि सदन की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर निर्णय इसी भावना से लिया जा रहा है।

Published on:
21 May 2025 10:16 am
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