
जमीन-मकान की रजिस्ट्री हुई महंगी! (photo-patrika)
कोटपूतली। प्रदेश में भूमि व सम्पति के बेचान पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी की दरें बढ़ने से कोटपूतली-बहरोड़ जिले में रजिस्ट्रियां महंगी हो जाएगी। सरकार की नई गाइडलाइन के बाद कोटपूतली-बहरोड़ जिले में औद्योगिक, होटल, रिसोर्ट, फार्म हाउस व मैरिज गार्डन जैसी श्रेणियों की दरों में बदलाव से जमीन खरीदने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
अधिसूचना लागू होते ही जिले के उप-पंजीयक कार्यालयों में दस्तावेजों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई है। औद्योगिक प्रयोजन की भूमि पर दरों के पुनर्निर्धारण से निवेश लागत बढ़ेगी।
वहीं, होटल व रिसोर्ट श्रेणी में वाणिज्यिक दरों के अनुपात में वृद्धि होने से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े निवेशकों को अतिरिक्त राशि वहन करनी होगी।
फार्म हाउस और मैरिज गार्डन जैसी श्रेणियों में भी संशोधित दरें लागू होंगी। इससे ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जमीन खरीदने वालों के लिए कुल रजिस्ट्रेशन लागत बढ़ना तय माना जा रहा है।
उप-पंजीयक कार्यालय सूत्रों के अनुसार नई दरों के प्रभाव से पूर्व में कम दर पर प्रस्तावित सौदों को लेकर पक्षकारों में हलचल देखी जा रही है। दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर कार्यालयों में पूछताछ बढ़ी है।
पर्यटन इकाइयों के लिए औद्योगिक दरें और रिसॉर्ट के लिए कृषि भूमि की दरें तभी मान्य होगी, जब आवेदक के पास राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना का उचित प्राधिकृत पत्र होगा।
नई गाइडलाइन से जिले में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्रियां महंगी होना तय है। लेकिन सरकार को राजस्व वृद्धि और दरों में पारदर्शिता का लाभ मिलेगा।
औद्योगिक प्रयोजन के लिए कृषि भूमि की दर क्षेत्र की कृषि भूमि की दरों के तीन गुना के बराबर मानी जाएंगी। रिसोर्ट के लिए भूमि की दर उस क्षेत्र की वाणिज्यिक दर के 75 प्रतिशत के बराबर होगी।
जबकि होटल और रेस्टोरेंट के लिए यह दर शत-प्रतिशत वाणिज्यिक दर के बराबर ही रहेगी। सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए भी दरें कृषि भूमि से दोगुनी रखी गई हैं।
सरकार ने एक हजार वर्ग मीटर से बड़े आवासीय या वाणिज्यिक भूखंड मूल्यांकन में क्षेत्रफल के आधार पर छूट का प्रावधान भी किया है।
Updated on:
16 Feb 2026 05:50 pm
Published on:
16 Feb 2026 05:49 pm
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