
राजस्थान में 'हर घर नल' पहुँचाने की योजना में 'हर घर भ्रष्टाचार' के आरोपों की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार तड़के एक साथ जयपुर, दिल्ली, बाड़मेर, सीकर, जालोर, बिहार और झारखंड में दबिश दी। ब्यूरो के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह छापेमारी रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुबोध अग्रवाल और इस घोटाले से जुड़े करीब 15 अन्य आरोपियों के ठिकानों पर चल रही है।
राजस्थान के सबसे ताकतवर नौकरशाहों में शुमार रहे सुबोध अग्रवाल के रिटायरमेंट के कुछ ही समय बाद ACB ने उन पर शिकंजा कसा है। सूत्रों के अनुसार, ACB की टीम सुबोध अग्रवाल के आवास पर दस्तावेजों को खंगाल रही है और उनसे टेंडर आवंटन की प्रक्रिया को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
उन पर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर चहेती कंपनियों को करोड़ों के टेंडर बांटे गए।
ACB DG गोविंद गुप्ता और ADG स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई में अब तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है। हिरासत में लिए गए प्रमुख नामों में शामिल हैं:
इन सभी से अलग-अलग केंद्रों पर पूछताछ की जा रही है और माना जा रहा है कि शाम तक इनमें से कई की औपचारिक गिरफ्तारी दिखाई जा सकती है।
बड़ी बात ये है कि ये कार्रवाई केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। ACB की टीमों ने बिहार और झारखंड में भी छापेमारी की है, जहाँ इस घोटाले से जुड़ी कंपनियों के तार जुड़े होने की आशंका है।
बता दें कि जल जीवन मिशन घोटाला करीब ₹900 करोड़ से अधिक का माना जा रहा है।
Updated on:
17 Feb 2026 10:15 am
Published on:
17 Feb 2026 10:00 am
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