परकोटे के तीन बाजारों में फुटपाथ के सौंदर्यन का काम चल रहा है। इस पर हैरिटेज नगर निगम करीब एक करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। भ्रष्टाचार के इन डिवाइडर पर ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं और हैरिटेज नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी चुप बैठे हुए हैं।
गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बिना सीमेंट के ही टाइलों को रखा जा रहा है। नतीजतन हाथों से ही टाइलें उखड़ रही हैं। चौड़ा रास्ता और रामगंज बाजार में बुरा हाल है। अभी जौहरी बाजार में काम शुरू नहीं हुआ है। जबकि, फुटपाथ का काम शुरू हुए तीन माह से अधिक का समय हो चुका है। जिम्मेदार अधिकारी अगले एक माह में पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
एनकैप के तहत आया बजट
दरअसल, हैरिटेज नगर निगम इन बाजारों में एनकैप (नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम) के तहत काम करवा रहा है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार से पूरा बजट मिलता है। इस पैसे को जिम्मेदार अधिकारी बर्बाद करने में लगे हैं।
निगरानी नहीं, सिर्फ हो रहा काम
करीब तीन माह में दो बाजारों में डिवाइडर का काम पूरा हो चुका है। चौड़ा रास्ता में जगह-जगह टाइलें टूट चुकी हैं। लोहे की जालियों को साधने के लिए लगे सीमेंट के पोल भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यही हाल रामगंज बाजार में हैं। वहीं, जौहरी बाजार में अभी काम गति नहीं पकड़ पाया है। पुराने डिवाइडर से रेलिंग उखाड़ दी है और उसको ऊंचा करने का काम चल रहा है।
रात में हो रहा काम
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि डिवाइडर बनाने का काम रात में हो रहा है। इससे गुणवत्ता का पता नहीं चलता। अंधेरे का फायदा उठाकर ठेकेदार जमकर मनमानी कर रहा है। हालांकि, रात में काम कराने के पीछे निगम अधिकारियों का तर्क है कि ट्रैफिक का दबाव कम होता है। इस वजह से रात में काम करते हैं।
ये भी दिखा
-जौहरी बाजार में सड़क पर बने डिवाइडर में मिट्टी भरी जा रही है। इसी मिट्टी से भारी भरकम लोहे की जालियों को साधने का प्रयास किया जा रहा है।
-डिवाइडर पर सीमेंट के पोल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इनको सही भी नहीं किया गया है।
-चौड़ा रास्ता में तो डिवाइडर को ही ऊंचा कर दिया। भविष्य में बारिश का पानी दुकानों में भरने की आशंका है, क्योंकि हर साल सड़क के ऊपर सड़क बिछाई जा रही है।
दुबारा करवाएंगे काम
निगरानी हो रही है। यदि काम सही तरीके से नहीं हो रहा है तो संबंधित फर्म से दुबारा करवाया जाएगा। अगले एक माह में तीनों बाजारों के काम को पूरा कर लेंगे। जहां भी काम सही नहीं हुआ है, वहां दुबारा करवाएंगे।
-महेंद्र सिंह, एक्सईएन, हैरिटेज निगम