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Diwali Puja Vidhi- इस शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने से मालामाल हो जाएंगे आप

Diwali Puja Vidhi- राजस्थान में भी दीपावली धूमधाम के साथ मनार्इ जाती है। राजस्थान से बाहर रहने वाले लाेग भी दीपावली पर अपने घर आते हैं।

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जयपुर। Diwali Puja Vidhi- रोशनी का पर्व Diwali देश का सबसे बड़ा त्याेहार है। यह त्याेहार कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन देश- विदेश में धूमधाम से मनाया जाता है। राजस्थान में भी दीपावली धूमधाम के साथ मनार्इ जाती है। नाैकरी के लिए राजस्थान से बाहर रहने वाले लाेग भी दीपावली पर अपने गांव या शहर आते हैं आैर अपने परिवार के साथ त्याेहार मनाते हैं। Diwali 2017 19 अक्टूबर 2017 को है। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर काे गोवर्धन पूजा आैर 20 अक्टूबर काे भैया दूज मनार्इ जाएगी। Diwali के दिन मां लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। जयपुर के पंडित गाेपाल शर्मा ने बताया कि इस दीपावली पर पूजा करने के लिए तीन शुभ मुहूर्त है। इन तीनों मुहूर्त में पूजा करने का अपना ही विशेष महत्व है।

1. प्रदोष काल मुहूर्त
समय- 1 घंटा और 3 मिनट
मां लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05.46 से 08.19 तक
वृषभ काल: शाम 7.15 से 9.11 तक

2. चौघड़िया पूजा मुहूर्त
सुबह: 6.30 से 7.54
शाम: 4.22 से 8.58

3. महानिशिता काल मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा की अवधि- 50 मिनट
महानिशिता काल- 11.43 से 12.33

लक्ष्मी पूजन सामग्री
कलावा रोली, सिंदूर,नारियल, गन्ना, अक्षत, लाल वस्त्र, फूल,पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी, कलश, कलश हेतु आम का पत्ता,चौकी, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, कमल गट्टे, पंचामृत, फल, बताशा, खील, मिठाईयां, पूजा में बैठने हेतु आसन, हल्दी, अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली।

दीपावली पर इस तरह करें माता लक्ष्मी का पूजन
लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने के लिए जरूरी है कि पूजा विधि विधान पूर्वक हो। इसलिए दीपावली की रात गणेश, लक्ष्मी के साथ कुबेर महाराज और विष्णु भगवान की पूजा करें। पूजन शुरू करने से पूर्व चौकी को धोकर उस पर रंगोली बनाएं। चौकी के चारों कोने पर चार दीपक जलाएं। जिस स्थान पर गणेश एवं लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करनी हो वहां कुछ चावल रखें। इस स्थान पर गणेश और लक्ष्मी की मूर्ति को रखें। लक्ष्मी माता की पूर्ण प्रसन्नता हेतु भगवान विष्णु की मूर्ति लक्ष्मी माता के बायीं ओर रखकर पूजा करनी चाहिए।

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