
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को मरीज की पर्ची में कंप्यूटर से इलाज के लिए सुझाई गई दवा और उस बीमारी का नाम अंकित करने का आदेश पारित किया है, जिसका कि डॉक्टर इलाज कर रहे हों। इससे आम मरीज को भी अपनी बीमारी और दवा के बारे में आसानी से जानकारी हो सके। कोर्ट ने प्रत्येक चिकित्सक को कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध होने तक दवा का नाम अंग्रेजी के कैपिटल अक्षर में अंकित कर देने को कहा है। साथ ही अस्पतालों में जांच की दरें समान करके अस्पतालों से जेनेरिक दवाएं ही दिए जाने संबंधित आदेश को चुनौती देती याचिकाओं को खारिज कर दिया है।