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युवाओं को नशे की गिरफ्त में लाने के लिए चला रहा था बड़ा रैकेट, एक साल में बेच दी 20 हजार वॉयल

राजधानी में चलता मिला एविल इंजेक्शन की अवैध बिक्री का बड़ा रैकेट, एक साल में बेच दी 20 हजार वॉयल राजस्थान पत्रिका में खुलासे के बाद जयपुर की 17 फर्म पर छापे, राज्य से बाहर से आ रहा इंजेक्शन- खुदरा विक्रेता दवा की खरीद कर बिल को कर रहे नष्ट

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जयपुर

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Vikas Jain

Nov 30, 2022

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जयपुर। राजधानी में नशे के लिए काम ली जाने वाली दवाइयों की बिक्री में शामिल बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। राजस्थान पत्रिका में 25 नवंबर के अंक में "बेखौफ दुकानदार कोडनेमे दवाई बोला तो बेझिझक दिया नशे का इंजेक्शन" शीर्षक से प्रकाशित समाचार को आधार बनाकर औषधि नियंत्रण संगठन ने राजधानी की 17 दवा फर्म पर छापेमारी की है। जांच में सामने आया है कि राज्य में नशे के लिए एविल इंजेक्शन का व्यापक दुरूपयोग हो रहा है।
औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि कुछ थोक विक्रेता राज्य में सीएंडएफ ऐजेंट होने के बावजूद राज्य से बाहर की फर्म से उक्त इंजेक्शन की खरीद कर रहे हैं। ऐसे विक्रेता एक साल में खुदरा विक्रेताओं को करीब 20 हजार एविल इंजेक्शन की बिक्री कर चुके हैं। इन दवा फर्म की जांच में सामने आया कि ये थोक विक्रेताओं को ऑनलाइन-ऑफलाइन आर्डर जनरेट कर दवाइयां प्राप्त कर उनका ऑनलाइन या ऑफलाइन ही भुगतान कर देते हैं। उक्त एविल इंजेक्शन को प्राप्त कर क्रय बिल को नष्ट कर दिया जाता है। बिना विक्रय बिल जारी किए इंजेक्शन बिना चिकित्सक की पर्ची के ही बेचे जा रहे हैं। इससे इसके नशे के रूप में दुरूपयोग करना प्रमाणित हुआ है। गौरतलब है कि एविल इंजेक्शन की 10 एमएल वॉयल का उपयोग नर्सिंग होम, क्लीनिक और अस्पताल में ही किया जा सकता है। सामान्यत:चिकित्सक मरीज को यह प्रिस्क्राइब नहीं करते। चिन्हित फर्म की जांच के दौरान कल्याणजी का रास्ता चांदपोल बाजार पर फर्म राजस्थान मेडिकल एंड प्रोविजन स्टोर पर एनडीपीएस एक्ट के तहत सूचीबद्ध एल्प्रजॉलम, ट्रॉमाडोल, कोडीन और ब्यूप्रिनॉरफिन एवं नेलॉक्सॉन घटक युक्त दवाइयों का स्टॉक पाया गया। जिसका मौके पर खरीद बिल भी प्रस्तुत नहीं किया गया। यहां से संगठन के अधिकारियों से सूचना मिलने पर सीएसटी टीम, केन्द्रीय नारकोटिक ब्यूरो के अधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है।
मनोचिकित्सक से भी जुड़े मिले तार
मौके पर इस स्टोर के मालिक ने बताया कि उसने ब्यूप्रिनॉरफिन और नेलॉक्सॉन घटक युक्त दवाइयों का स्टॉक जयपुर के नामी मनोचिकित्सक से बिना बिल के अधिकतम खुदरा मूल्य से कहीं अधिक मूल्य पर खरीदता है। जिससे प्रतीत होता है कि मनोचिकित्सक अस्पताल की आड़ में एनडीपीएस घटक युक्त दवाइयों के अवैध व्यापार में शामिल है। हालांकि संगठन ने आधिकारिक तौर पर मनोचिकित्सक का नाम जारी नहीं किया।
इन फर्म पर मिली अनियमितता
- वी.जे मेडिकल मालवीय नगर
- न्यू पूनम मेडिकल, झालाना कच्ची बस्ती

- न्यूलाइफ केयर मेडी, मालवीय नगर
- शांति मेडिकल्स, शिकारियों की मोरी

- कान्हा मेडिकल, बाबू का टीबा
- लाइफ केयर फार्मा, आमेर

- राजस्थान मेडिकल एंड प्रोविजन स्टोर, चांदपोल
- कमल मेडिकल एंड प्रोविजन स्टोर, आगरा रोड

- सिद्धी विनायक मेडिकल हॉल, आगरा रोड
- श्री धनराज मेडिकल एंड जनरल स्टोर, झालाना डूंगरी

- रूद्रा मेडिकल एंड प्रेाविजन स्टोर, मुरलीपुरा
- विक्रम मेडिकल एंड प्रोविजन स्टोर, जगतपुरा

- श्री साई मेडिकल एंड जनरल स्टोर, कूकस
- वैष्ण्वी मेडिकल एंड जनरल स्टोर, दिल्ली बायपास

- आदिनाथ मेडिकल एंड प्रोविजन स्टोर, महारानी फार्म
- शुभम मेडिकल एंड प्रोविजन स्टोर, गैटोर

- सक्षम मेडिकल, सांगानेर