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रेत के समंदर में उठ रहे बवंडर, तेज रफ्तार आंधियों ने जनजीवन को किया प्रभावित

तेज रफ्तार आंधियों ने थार में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिनभर उड़ते धूल के गुबार और गर्द ही गर्द ने समूचे रेगिस्तान को हिलाकर रख दिया है।

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जयपुर। तेज रफ्तार आंधियों ने थार में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिनभर उड़ते धूल के गुबार और गर्द ही गर्द ने समूचे रेगिस्तान को हिलाकर रख दिया है। सीमा पर जवानों के लिए चौकसी करना मुश्किल हो गया है तो दिनभर घरों में भर रही रेत ने गृहणियों की मुश्किल बढ़ा दी है। आंधियों की रफ्तार 30 से 60 किमी प्रतिघंटा है।

बाड़मेर-जैसलमेर में आंधियों का दौर इन दिनों चरम पर है। सुबह से रात तक रेत का तूफान नजर आ रहा है। जमीन से आसमान तक गर्द की चादर बिछ गई है। तेज रफ्तार आंधियों के चलते सीमा पर बीएसएफ के जवान सन ग्लासेज के बिना देख भी नहीं पा रहे हैं। हाईवे पर चलने वाले वाहनों की गति थम गई है। आंधियों से घरों में रेत भर रही है जिसे निकालना मुश्किल हो रहा है।

तीन दिन से लगातार यही हाल- आंधियों का दौर तीन दिन से जारी है। सुबह से रात दस बजे तक आंधी चलने से लोगों की हालत खस्ता है। सीमावर्ती गांवों में लोगों के लिए पशुआें को बाड़े में रखना भी मुश्किल हो रहा है। तापमान गिरा लेकिन राहत नहीं- आंधियों ने तापमान गिरा दिया है। 42 डिग्री तापमान में भी राहत नजर नहीं आ रही है।

पश्चिमी हवा से छाए धूल के गुबार
श्रीगंगानगर. पश्चिमी हवा के कारण इलाके में गुरुवार को भी धूल के गुबार छाए रहे। इससे शहर के लोगों को जबर्दस्त परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह दिन की शुरुआत से चली हवा का असर पूरे दिन बना रहा। पूरा दिन धूल मिट्टी से लोग परेशान होते रहे। दुपहिया वाहन चालक हेलमेट और चश्मे से धूप से बचाव करते दिखे वहीं घरों में गृहणियां पूरे दिन सफाई में जुटी रही।

स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी एमएल रिणवां के अनुसार पश्चिमी राजस्थान का अधिकांश इलाका रेगिस्तानी होने से वहां से उठी धूल ने पूरे इलाके को चपेट में ले लिया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी सुबह 52 प्रतिशत तथा शाम को 32 प्रतिशत रही।