
हाथी खरीदना आसान, पालना मुश्किल
हाथी पालकों ने बताया कि प्रतिदिन एक हाथी 3000-3500 रुपए की खुराक खाता है। इन दिनों यह बहुत मुश्किल है। आगे भी सब कुछ सामान्य होने के कोई आसार भी नहीं दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि न तो अभी पर्यटन सीजन शुरू होगा और न ही बड़े स्तर पर शादियां होने की संभावना दिखाई दे रही हैं। ऐसे में हाथी पालकों के परिवारों को हाथी कल्याण संस्था सहयोग कर रही है। प्रतिदिन 600 रुपए संस्था की ओर से दिए जाते हैं। हालांकि, ये आर्थिक सहयोग काफी कम है। आमेर विश्व की एकमात्र हैरिटेज साइट है, जहां पर हाथी की सवारी की जाती है।
हाथी गांव में अभी हैं 103 हाथी
देश के पहले हाथी गांव में अभी 103 हाथी हैं। गन्ने से लेकर सूखी ज्वार और पांच किलो आटे की रोटी बनाकर हाथियों को खिलाई जाती है। गर्मियों में च्यवनप्राश भी दिया जाता है। लॉकडाउन की वजह से हाथी गांव में भी कोई नहीं आ पा रहा है।
अभी सब कुछ सामान्य होने की संभावना नहीं
लॉकडाउन के बाद से आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई है। हाथी कल्याण संस्था की ओर से कुछ मदद की जा रही है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। आगे भी अभी सब कुछ सामान्य होने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में सरकार से मांग है कि हाथियों को बचाने के लिए कुछ सहयोग करें।
-बल्लू खान, अध्यक्ष, हाथी गांव विकास समिति
Published on:
07 May 2020 05:29 pm
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