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जहां एटीएस नहीं वहां आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में वाहनों की फिटनेस

राज्य में बंद वाहनों की फिटनेस को लेकर आखिरकार परिवहन विभाग ने सोमवार को निर्णय ले लिया। अब जिन जिलों में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) नहीं है, वहां पर आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में मैनुअल फिटनेस की जाएगी। जिन जिलों में एटीएस है, वहां वाहनों की फिटनेस सेंटर पर होगी। विभाग के अधिकारियों की मानें तो सड़क […]

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जयपुर

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Amit Pareek

Apr 08, 2025

jaipur

राज्य में बंद वाहनों की फिटनेस को लेकर आखिरकार परिवहन विभाग ने सोमवार को निर्णय ले लिया। अब जिन जिलों में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) नहीं है, वहां पर आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में मैनुअल फिटनेस की जाएगी। जिन जिलों में एटीएस है, वहां वाहनों की फिटनेस सेंटर पर होगी। विभाग के अधिकारियों की मानें तो सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से सर्कुलर जारी किया गया था। इसमें लिखा था कि एटीएस नहीं होने की स्थिति में वाहनों की फिटनेस आरटीओ की ओर से जारी की जाएगी। विभाग ने मंत्रालय के सर्कुलर की पालना में अधिकारियों को मौखिक आदेश जारी कर दिए। इधर, फिटनेस सेंटर बंद होने के कारण संचालक सोेमवार को परिवहन मुख्यालय पर एकत्र हुए। संचालकों ने विरोध-प्रदर्शन कर फिटनेस सेंटर शुरू करने की मांग की। इसके बाद संचालकों ने डिप्टी सीएम व परिवहन मंत्री प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि पिछले सात दिन से प्रदेश में वाहनों की फिटनेस बंद थी। करीब 15 हजार से अधिक वाहन अनफिट खड़े थे। उधर, ट्रक ऑपरेेटर्स की ओर से वाहनों की फिटनेस नहीं होने से विरोध किया जा रहा था। शाहपुरा ट्रक यूनियन अध्यक्ष मुकेश बड़बडवाल ने बताया कि इस संबंध में मुख्य सचिव, परिवहन आयुक्त और परिवहन मंत्री से समाधान की मांग की गई थी। आरटीओ कार्यालयों में फिटनेस शुरू होने से ट्रक ऑपरेटर्स को राहत मिलेेगी।

यह भी उठ रहे सवाल

विभाग की ओर से भले ही आरटीओ-डीटीओ कार्यालय में फिटनेस करने के आदेश देे दिए। लेकिन कार्यालयों में वाहनों की फिटनेस की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साल 2018 में विभाग ने कार्यालयों से मैनुअल फिटनेस बंद कर फिटनेस सेंटर से कराने की नई व्यवस्था शुरू की। इसके लिए नीति भी बनाई गई। अब नए आदेश से विभाग फिर से बैकफुट पर आ गया है। परिवहन निरीक्षक की ओर से वाहनों की फिटनेस की जाएगी। इधर, फिटनेस संचालकों का तर्क है कि विभाग के यह निर्देश कोर्ट के आदेश की अवहेलना है।