
खानपान में रखें इन बातों का खयाल
नमक, मैदा और शक्कर कम
आप अपने खानपान में तीन सफेद चीजों का इस्तेमाल कम ही करें। आप नमक, शक्कर और मेदा का कम ही इस्तेमाल करें। जरूरी नमक लिया जाना चाहिए लेकिन इसके अधिक इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए। चीनी और मेदा से बनी वस्तुओं से तो परहेज करें। हां कभी-कभार शौकिया तौर पी ली जा सकती है। इन्हें आदत बनाने से बचें। इसी प्रकार बाजार के पैक्ड फूड का इस्तेमाल से बचें। इनमें नमक, प्रीजरवेटिव रसायन आदि का अधिक इस्तेमाल होता है, जो सेहत के लिए नुकसानदेय होता है। इनके खाने से बचना चाहिए। पिज्जा, बर्गर आदि खाने से भी बचा जाना चाहिए। इन सबका ध्यान रखकर हम इनके दुष्प्रभाव से बच सकते हैं।
अधिक बार खाएं लेकिन कम
खाना सिर्फ दो बार में अधिक खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा तीन-चार बार में खाया जाना चाहिए। सिर्फ दो बार खाकर हम दो खाने के बीच अधिक गेप भी दे देते हैं। दिन में अधिक बार खाने पर शरीर पाचन के लिए ज्यादा कैलोरीज का इस्तेमाल करता है। जब शरीर को लगातार ईंधन देते हैं तो इसके मायने यह भी हुए कि हम उसे काम करने के लिए भी कह रहे हैं। इससे वजन भी अधिक नहीं बढ़ता और यह बीएमआर (बेसल मेटाबॉलिक रेट) बढ़ाने में भी मदद करता है। शरीर को लगातार पाचन के लिए काम करने में लगाए रखने का मतलब होता है कि शरीर का वर्कआउट हो रहा है।
मशीन की तरह न खाएं
हमारे शरीर का अपना एक स्वभाव होता है। दोपहर के 12 बजे से लेकर रात के आठ बजे तक शरीर की पाचन क्षमता सबसे अच्छी मानी जाती है। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा न्यूट्रिशन लेना चाहिए। इसी तरह सूर्यास्त के साथ-साथ शरीर की पाचन क्रिया भी धीमी होती जाती है। यही वजह है कि रात को खाए गए भोजन को पचाना कठिन होता है। इसलिए रात का खाना समय के अनुसार ही खाएं। एकदम मशीन की तरह खाने के बजाय अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से खाएं। खाने के लिए नहीं खाएं बल्कि शरीर की सुनते हुए खाना खाएं।
फल-सलाद भी खाएं
खानपान की आदतों में फल और सलाद खाने की आदत को भी शामिल करें। फलों में सेब, संतरा, नींबू, अमरूद और पपीता जैसे लो-ग्लाइसेमिक फलों को प्राथमिकता दें और वे फल जिनमें शक्कर की मात्रा अधिक होती है, इन्हें संतुलित रूप से खाए। इसके अलावा ब्रेकफास्ट में विटामिन्स, मिनरल्स, पोटेशियम, फोलेट, फाइबर और प्रोटीन युक्त फूड्स का सेवन करें। रात को खाने के बाद एक गिलास दूध लें। दूध में तुलसी, बादाम मिलाकर पी सकते हैं। इससे आपका खाया खाना डाइजेस्ट हो जाएगा।
पहले खाएं
सोने से ढाई- तीन घंटे पहले खाना खाने से भोजन आराम से पच जाता है। सोने के दौरान पाचन प्रणाली को बहुत अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती और जब हम सोते हैं तब हमारा शरीर पाचन में उलझाने के बजाय खुद की रिकवरी की ओर अधिक केन्द्रित रहता है। दूसरी तरफ यदि हम रात को अधिक भारी खाना खाएंगे और खाकर ही सो जाएंगे तो ऐसे में हमारा शरीर खुद की रिकवरी बेहतर तरीके से नहीं कर पाएगा और दूसरे दिन हम खुद को थका-थका सा महसूस करेंगे। इसलिए आप सोने से तीन घंटे पहले खाना खाने की आदत डालें और रात का खाना भारी लेने के बजाय हल्का ही लें ताकि सुकून की नींद ले सकें।
Published on:
15 Apr 2020 12:25 pm
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