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थानाधिकारियों के आगे चार दिन में ही झुकना पड़ा कमिश्नर को

तबादलों के चार दिन बाद ही फिर बदले थानाधिकारी

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जयपुर

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neha soni

Mar 03, 2019

Police Commissionerate

जयपुर।
राजधानी में थानाधिकारी की पोस्टिंग का आदेश भले ही पुलिस कमिश्नर निकाले, लेकिन थाने का आवंटन पुलिस निरीक्षक अपनी इच्छा से करा लेते हैं। चार दिन में निकली दो तबादला सूची यही सच्चाई बयां कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने अपने मुताबिक थाने बांटे, जिन्हें थानाधिकारियों ने अस्वीकार कर दिया। नतीजा यह रहा कि चार दिन में ही दूसरी सूची जारी करनी पड़ी। उनकी इच्छानुसार 14 निरीक्षकों को थाना दिया गया है। थानाधिकारियों की पहली सूची 25 फरवरी को जारी की गई। इस सूची में 72 पुलिस निरीक्षकों का नाम शामिल था। कुल 39 निरीक्षकों को थानाधिकारी बनाया गया। थानों में पोस्टिंग उन निरीक्षकों को मिली जो अधिकतर समय जयपुर में तैनात रहे हैं। निरीक्षक थाने पर पहुंचने के साथ ही नया थाना पाने के लिए आतुर हो गए। उन्होंने अपने बूते के अनुसार प्रयास भी शुरू कर दिए। दबाव में चौथे दिन 1 मार्च को ही पुलिस कमिश्नर को सूची बदलनी पड़ी। अब 19 निरीक्षकों की जारी तबादला सूची में 14 थानों के अधिकारी फिर बदले गए।

कमिश्नरेट से है लगाव
कमिश्नरेट में तबादला सूची कितनी ही जारी हो, लेकिन चेहरे ज्यादा नहीं बदलते। अक्सर वे ही चेहरे शहर में नजर आते हैं। कई निरीक्षक ऐसे हैं जो लम्बे समय से जयपुर में जमे हैं। उनके लिए यहां जमे रहने में कोई मुश्किल है तो वो केवल मात्र आदर्श चुनाव आचार संहिता है। इसके अलावा उन्हें थानों में जमे रहने में कोई रुकावट नहीं है। दो चुनाव की आचार संहिता के बाद भी कई निरीक्षक ऐसे हैं जो लम्बे समय से जयपुर में जमे हुए हैं।

जयपुर से नाता पुराना
रामअवतार ताखर- उप निरीक्षक रहते हुए जयपुर में लम्बे समय तैनात रहे। निरीक्षक बनने के बाद भांकरोटा, महेश नगर, सोढ़ाला थानाधिकारी रहे। इस बार रामगंज थानाधिकारी बने हैं।
राजेश चौधरी- जयपुर में विभिन्न शाखाओं में पोस्टिंग, दारिया मुठभेड़ प्रकरण में विवादित रहे। पहले संजय सर्किल थानाधिकारी बनाए, ४ दिन बाद ही कालवाड़ थाने पहुंचे।
जुल्फीकार- दारिया मुठभेड़ प्रकरण में विवादित, सेज के बाद अब सिंधी कैम्प थानाधिकारी का पद पाया।
इंद्रराज मरोडिया- उप निरीक्षक रहते हुए जयपुर में लम्बे समय पदस्थापित रहे। निरीक्षक बनने के बाद जयपुर में फिर वापसी। यहां लम्बे समय खो-नागोरियान थानाधिकारी रहे। वहां एक रैली के दौरान बिगड़ी व्यवस्था के चलते हटाए गए। अब फिर से शिवदासपुरा में मिली पोस्टिंग।
नरेन्द्र कुमार खींचड़- उपनिरीक्षक के दौरान भी जयपुर में रहे। निरीक्षक बनने के बाद जयपुर में वापसी। यहां शिप्रापथ, बनीपार्क की पोस्टिंग के बाद अब कानोता थाने पहुंचे।
संजय शर्मा- निरीक्षक बनने के बाद अधिकतर नौकरी जयपुर में। यहां शिप्रापथ, मानसरोवर, श्याम नगर और मोतीडूंगरी थानाधिकारी रहे हैं। पांच दिन पहले गांधी नगर और अब प्रताप नगर थानाधिकारी बने।
मनीष चारण- जयपुर में लम्बे समय से पोस्टिंग। उपनिरीक्षक रहते हुए प्रताप नगर थानाधिकारी बने। इसके बाद जयपुर ग्रामीण में तैनाती रही। अब मानव तस्करी विरोधी यूनिट गए।
विक्रम सिंह- उप निरीक्षक रहते हुए भी जयपुर में लम्बे समय पोस्टिंग रही। निरीक्षक बनने के बाद फिर वापसी। इस बार भी तैनात पश्चिम क्षेत्र में हुई। यहां भ्रष्टाचार मामले में विवादित रहे झोटवाड़ा थाने की जिम्मेदारी दी।

चार दिन में इनके हुए बदलाव
निरीक्षक पुराना पद 25 फरवरी 1 मार्च
जितेन्द्र राठौड़ पुलिस लाइन मुरलीपुरा माणकचौक
राजेश चौधरी यातायात संजय सर्कल कालवाड़
शंकर लाल छाबा एपीओ ज्योतिनगर दुर्घटना थाना
कमल किशोर सुथार वीकेआई दुर्घटना थाना डीसीपी उ. का.
जगदीश प्रसाद तंवर महिला उत्तर डीसीपी उ. का. महेश नगर
धर्मराज चौधरी गलता गेट महेश नगर करणी विहार
राजेन्द्र कुमार रावत वैशाली नगर करणी विहार आयुक्त कार्यालय
बृजमोहन कविया एपीओ मोती डूंगरी चाकसू
जोगेन्द्र राठौड़ चौंमू चाकसू मोतीडूंगरी
संजय शर्मा मोतीडूंगरी गांंधीनगर प्रताप नगर
रायसल सिंह जवाहर नगर दुर्घटना थाना लालकोठी
हेमराज गुर्जर प्रताप नगर - चौमू
कैलाश चंद जिंदल एपीओ चौमू मुरलीपुरा
जुल्फीकार अली यातायात सेज सिंधीकैम्प


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