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विश्व स्तरीय बनेगा गांधी नगर रेलवे स्टेशन, 2025 तक काम पूरा करने का लक्ष्य 180 करोड़ की लागत से होगा री—डवलपमेंट

जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए काम शुरू हो गया है। करीब 180 करोड़ रुपए खर्च कर इस स्टेशन को आकर्षक लुक देने के साथ सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है

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जयपुर। जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए काम शुरू हो गया है। करीब 180 करोड़ रुपए खर्च कर इस स्टेशन को आकर्षक लुक देने के साथ सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। दो वर्ष बनी इस योजना पर काम शुरू हो गया है। रेलवे के पुराने क्वार्टर, वेंटिंग रूम को ढहाकर वहां भूमि समतल कर दी गई है। 2025 तक इसका काम पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद यह स्टेशन पूरी तरह बदल जाएगा।
सुविधाओं युक्त बनेंगे दो भवन गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर दो नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। इन भवनों में सभी सुविधाएं रहेंगी। मुख्य प्रवेश स्टेशन भवन में डिपार्चर लॉबी, वेस्टिबुल, बैगेज स्कैनर के साथ सुरक्षा जांच क्षेत्र, हेल्प डेस्क क्षेत्र, आरपीएफ कक्ष और हेड टीसी कक्ष के साथ प्लेटफार्म 1 पर अनारक्षित प्रतीक्षालय, एक्जिक्यूटिव प्रतीक्षालय, खुदरा स्टालें जैसी सुविधाएं होगी। भूमि तल पर विभिन्न रेलवे कार्यालय और दूसरी मंजिल पर एक्सेस कंट्रोल, मेटल डिटेक्टर सिस्टम, बैगेज स्कैनर सिस्टम, अतिरिक्त प्रतीक्षा कक्ष, रिटेल स्टॉल, मॉड्यूलर शौचालय, सीढ़ियां, लिफ्ट, एस्केलेटर आदि होंगे।
वर्षा जल का संचय भी होगा
वर्तमान में स्टेशन पर स्थित रेल क्वार्टर्स, वेटिंग हॉल आदि को गिराकर भूमि समतल कर दी गई है। स्टेशन पर साइट ऑफिस, लेबर कैंप आदि बनाए जा रहे हैं। यह कार्य सितम्बर 2025 में पूरा करने का लक्ष्य है।पूरी परियोजना में निर्माण के साथ-साथ संचालन और रखरखाव के दौरान ऊर्जा खपत में कमी के लिए सुविधाओं के साथ ग्रीन बिल्डिंग सुविधाएं होंगी जो नवीनीकरणीय ऊर्जा के साथ कचरे के प्रसंस्करण, वर्षा जल संचयन जैसे संसाधनों से युक्त होंगी।
दो मंजिला भूमिगत पार्किंग बनेगीस्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त दो मंजिला भूमिगत बेसमेंट बनाया जाएगा। मौजूदा फुट ओवर ब्रिज का उपयोग आने वाले यात्रियों द्वारा स्टेशन पर पहुंचने के लिए किया जाएगा और इन एफओबी को सीधे आगमन हॉल में खोला जाएगा जहां से यात्री भवन से बाहर निकलेगा।