4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के आसमान में गरेजा गरुड़, दिखेगी रफाल-LCH की जुगलबंदी

भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) का संयुक्त वायुसेना अभ्यास गरुड़ का सातवां संस्करण जोधपुर वायु सेना स्टेशन में शुरू हुआ। यह अभ्यास दोनों देशों की हवा में ताकत को परखने और उसे तकनीकी रूप से अधिक मजबूती प्रदान करेगा। इससे दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी।

2 min read
Google source verification
photo2ehea.jpeg

भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) का संयुक्त वायुसेना अभ्यास गरुड़ का सातवां संस्करण जोधपुर वायु सेना स्टेशन में शुरू हुआ। यह अभ्यास दोनों देशों की हवा में ताकत को परखने और उसे तकनीकी रूप से अधिक मजबूती प्रदान करेगा। इससे दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी।

इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना और एफएएसएफ की भागीदारी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के अलावा पेशेवर बातचीत, अनुभवों के आदान-प्रदान और परिचालन ज्ञान में वृद्धि को बढ़ावा देगी। यह द्विपक्षीय अभ्यास का सातवां संस्करण है।

पहला, तीसरा और पांचवां संस्करण भारत में क्रमश: 2003, 2006 और 2014 में वायु सेना स्टेशनों ग्वालियर, कलाईकुंडा और जोधपुर में आयोजित किया गया था। दूसरा, चौथा और छठा संस्करण फ्रांस में 2005, 2010 और 2019 में आयोजित किया गया था।

फ्रांस की ओर से यह भागीदारी

चार रफाल लड़ाकू विमान

एक ए-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट विमान

220 कर्मियों की एक टुकडी़ के साथ भाग ले रहा है।

भारत की हिस्सेदारी

एसयू-30 एमकेआइ

रफाल एलसीए तेजस

जगुआर लड़ाकू विमान

लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) व एमआइ-17 हेलीकॉप्टर के सहित अन्य लड़ाकू विमान अभ्यास में शामिल होंगे।

भारत की तरफ से ये भी शामिल
भारतीय वायुसेना की टुकड़ी में फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट, एवाक्स और एईडब्ल्यू एंड सी जैसे लड़ाकू और सक्षम सैन्य साजोसामान भी शामिल होंगे। यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों को सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के साथ-साथ सैन्य अभियानगत क्षमता और अंतःक्रियाशीलता बढ़ाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इससे भारतीय वायु सेना और फ्रांस की वायु सेना के बीच समन्वय बढ़ेगा। नई तकनीक और तरीके में भी इजाफा होगा।

Story Loader