
शैलेंद्र अग्रवाल
Girl On Sale : कोविड के बाद बाल तस्करी की समस्या में बढ़ोतरी से राजस्थान भी अछूता नहीं है। जयपुर में जहां बाल तस्करी से मुक्त कराए बच्चों की संख्या अधिक है, वहीं बाल तस्करी करने वालों आदिवासी क्षेत्रों को निशाना बना रखा है। उदयपुर के कुछ क्षेत्रों से नवजात बालिकाओं को मात्र 10-15 हजार रुपए में बेचने की जानकारी मिली है। इसके अलावा सस्ती मजदूरी के लिए बच्चों को महाराष्ट्र और गुजरात ले जाया जा रहा हैं, जो भी बाल तस्करी ही है।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग संगीता बेनीवाल ने कहा कि इस स्थिति के लिए बढ़ती महंगाई जिम्मेदार है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। ये घटनाएं उदयपुर संभाग के गोगुन्दा व झाडोल क्षेत्र में ज्यादा हो रही हैं। बाल तस्कर गर्भवती महिलाओं पर नजर रखते हैं और बालिका होने पर उसे 10-15 हजार रुपए में खरीदकर मुंबई ले जाते हैं।
खेती के लिए खरीदी जा रहे बच्चे
इसी तरह सस्ती मजदूरी देकर इसी क्षेत्र से महाराष्ट्र के नमकीन उद्योग व गुजरात में बीटी कॉटन की खेती के लिए भी यहां से बच्चे ले जाए जा रहे हैं। इस बारे में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग संगीता बेनीवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह सच है कोविडकाल के बाद महंगाई बढ़ने से बाल तस्करी की समस्या और गंभीर हो रही है। आयोग ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और रोकने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं।
डीजीपी को लिखा पत्र
बाल आयोग ने उदयपुर पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन पुलिस ने बाल तस्करों पर कार्रवाई के बजाय स्थानीय होटल-ढाबों में धरपकड़ शुरू कर दी। इन होटल- ढाबों में भी काम करने वाले ज्यादातर बच्चे इनके संचालकों के घर के ही हैं। अब डीजीपी को पत्र लिखकर कहा है कि इन बच्चों के बजाय बाल तस्करी पर कार्रवाई कराई जाए। डीजीपी ने भी आदेश जारी कर दिए हैं, अब जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
Published on:
31 Jul 2023 06:25 am
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