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Good News : अब गढ़ गणेश मंदिर पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 3 मिनट, रोप वे का भूमि पूजन कल

Good News : खुशखबर। अब गढ़ गणेश मंदिर जयपुर पहुंचने में लगेंगे सिर्फ 3 मिनट। भक्तों को सहूलियत के लिए रोप वे बनाया जा रहा है। इस रोप वे में करीब 9 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

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Garh Ganesh Jaipur

Rope Way Bhoomi Pujan Tomorrow : राजस्थान की राजधानी जयपुर में आगामी दिनों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। देश के एकमात्र बिना सूंड वाले बालरूप भगवान गणेश के दर्शनों के लिए ब्रह्मपुरी स्थित नाहरगढ़ की पहाड़ी पर विराजमान प्राचीन गढ़ गणेश मंदिर में रोप वे की सौगात भक्तों को मिलेगी। गुरुवार को सुबह 11 बजे महंत प्रदीप औदीच्य और महेश मेहता के सान्निध्य में रोप वे का भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित होगा। रोप वे कंपनी के प्रबंधक निदेशक नितेश चौधरी और मदन लाल बाजिया ने बताया कि प्राकृतिक वादियों के बीच किले में स्थित मंदिर में रोप वे बनने से भक्तों को काफी मदद मिलेगी। भक्त यहां सुगमता से पहुंच सकेंगे।




खास-खास

- सबसे बड़े आटोमैटिक रोप वे की लागत नौ करोड़ रुपए।
- दो साल में पूरा होगा काम।
- ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेश जी के मंदिर से लेकर गढ़ गणेश मंदिर के बाहर तक।
- 350 मीटर की होगी दूरी।
- छह ट्रॉलियों के जरिए महज तीन मिनट में होगी दूरी तय।
- एक घंटे में 500 से यात्री आ-जा सकेंगे।
- दर्शनों के लिए भक्तों के समय की होगी बचत, बुजुर्गों को मिलेगी सहुलियत।
- सामोद वीर हनुमान जी, खोले के हनुमान जी के बाद तीसरा रोप वे।

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अभी तक मंदिर में जाने में लगता है इतना समय

महंत प्रदीप औदिच्य ने बताया कि वर्तमान समय में 365 से अधिक खड़ी सीढ़ियां चढ़ने में भक्तों को लगभग 40 से 60 मिनट का समय लगता है। लंंबे समय से यह प्रयास था कि रोप वे बने। अब भक्तों को काफी आसानी होगी। महेश मेहता ने बताया कि इसमें सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्ग और विशेष योग्यजनों को होती हैं। ऐसे में नीचे से ही भगवान श्रीगणेश के हाथ जोड़कर पूजा-अर्चना करते हैं। रोप-वे बनने के बाद ये श्रद्धालु मंदिर तक आसानी से जा सकेंगे।

इसलिए है मंदिर खास

नाहरगढ़ और जयगढ़ के पास 18वीं सदी में जयपुर स्थापना से पहले सवाईमानसिंह द्वितीय ने अश्वमेघ यज्ञ के लिए गढ़ गणेश मंदिर बनवाया था। हर बुधवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहता है।

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