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सरकारी स्कूलों को मिलेंगे बाबूजी, काउंसलिंग से मिलेगी पहली पोस्टिंग

शिक्षा विभाग ( Education Department ) में बाबूओं की कमी के चलते प्रभावित चल रहे कामकाज फिर से रफ्तार पकड़ सकेंगे।

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सरकारी स्कूलों को मिलेंगे बाबूजी, काउंसलिंग से मिलेगी पहली पोस्टिंग

जयपुर
Education Department : शिक्षा विभाग ( Education Department ) में बाबूओं की कमी के चलते प्रभावित चल रहे कामकाज फिर से रफ्तार पकड़ सकेंगे। प्रशासनिक सुधार विभाग ( Administrative Reforms Department ) ने शिक्षा विभाग को 6125 कनिष्ठ सहायक पोस्टिंग देने के लिए आवंटित किए हैं। जिलों में इन्हें पहली पोस्टिंग देने की तैयारी की जा रही है। जयपुर जिले के स्कूलों में कनिष्ठ सहायक की कमी दूर होगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर पोस्टिंग देने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। वरीयता के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को विभागीय कार्यालयों के साथ ही स्कूलों में लगाया जाएगा। इनकी पोस्टिंग से उन स्कूलों को खासतौर पर राहत मिलेगी, जहां कनिष्ठ सहायक का पद तो है लेकिन यह लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है।

प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से शिक्षा विभाग को आवंटित कनिष्ठ सहायकों में से 94 जयपुर जिले को आवंटित किए गए हैं। अब जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय की ओर से इन 94 चयनित कनिष्ठ सहायकों को काउंसलिंग के माध्यम से पोस्टिंग दी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुख्यालय रामचंद्र पिलानिया ने बताया कि जिले के लिए आवंटित किए गए चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 9 और 10 जुलाई को गांधीनगर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय गांधीनगर ओल्ड में होगी। पहले दिन वरीयता के मुताबिक एक से 47 तक के अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा। दूसरे दिन बाकी बचे अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। खास बात यह है कि सरकार के निर्देश पर पोस्टिंग देने में वरीयता और प्राथमिकता के आधार पर अभ्यर्थियों से विकल्प पत्र भरवाकर उन्हें पोस्टिंग दी जाएगी। दिव्यांग, विधवा, परित्यक्तवा, एकल महिला समेत अन्य को प्राथमिकता दी जाएगी।

डीईओ माध्यमिक रामचंद्र पिलानिया ने बताया कि काउंसलिंग के माध्यम से जिले में 94 कनिष्ठ सहायकों को पोस्टिंग दी जाएगी। इनमें से 93 अभ्यर्थियों को स्कूलों में लगाया जाएगा जबकि बाकी एक अभ्यर्थी को वरीयता और काउंसलिंग के जरिए चाकसू कार्यालय में लगाया जाएगा। ऐसे में स्कूलों में खाली चल रहे कनिष्ठ सहायकों के पद काफी हद तक भर सकेंगे और स्कूलों में कामकाजों को गति मिल सकेगी।