जयपुर। ‘इंतहा हो गई इंतजार की…’ गाने की पंक्तियां इन दिनों हज 2023 के पवित्र सफर पर जाने वाले मुसाफिरों पर सटीक बैठ रही हैं। राजस्थान में हर साल जनवरी के दूसरे सप्ताह में आवेदन भरने के बाद राज्यों की लॉटरी खुलती थी, लेकिन इस साल अभी तक आवेदन ही शुरू नहीं हो सके हैं। सउदी अरब सरकार की ओर से अलग-अलग देशों के लिए कोटे का ऐलान कर दिया गया है। भारत से एक लाख 75 हजार से अधिक यात्री हज सफर पर जा पाएंगे। हालांकि नई हज पॉलिसी के कारण अब तक केंद्रीय हज कमेटी की ओर से आवेदनों का सिलसिला शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में आवेदन करने वाले आवेदकों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है।
राज्य हज कमेटी ने लिखा पत्र
हज कमेटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन एपी अब्दुल्ला कुटी के मुताबिक आवेदनों में तीन माह तक की देरी हो चुकी है। हर साल जनवरी के दूसरे सप्ताह में आवेदन भरने के बाद राज्यों की लॉटरी खुलती थी, लेकिन इस साल आवेदन ही शुरू नहीं हो सके। राजस्थान राज्य हज कमेटी के चेयरमैन अमीन कागजी के मुताबिक जल्द आवेदन शुरू करने के लिए केंद्रीय हज कमेटी को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक विभाग की तरफ़ से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
राजस्थान से होते हैं सालाना 15 हजार आवेदन
राजस्थान हज वेलफेयर सोसाइटी महासचिव हाजी निजामुद्दीन ने बताया कि बीते साल के मुकाबले भारत से इस साल दो गुना से अधिक यात्री हज सफर पर जाएंगे। हज सफर पर जाने वालों के लिए 65 वर्ष की उम्र की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी को आवेदन शुरू होने के लिए पत्र लिखा है। बीते साल भारत से 70 हजार के आस—पास यात्री हज सफर पर गए थे। इससे पहले देशभर से डेढ़ लाख से अधिक यात्री हज के सफर पर जाते थे। राजस्थान से सालाना लगभग 15 हजार आवेदन होते हैं।