4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एसीबी को देखकर हेड कांस्टेबल का बढ़ा रक्तचाप, बुलाना पड़ा चिकित्सक

चार हजार रुपए की रिश्वत लेता हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

2 min read
Google source verification
एसीबी को देखकर हेड कांस्टेबल का बढ़ा रक्तचाप, बुलाना पड़ा चिकित्सक

एसीबी को देखकर हेड कांस्टेबल का बढ़ा रक्तचाप, बुलाना पड़ा चिकित्सक

कठूमर (अलवर). एसीबी की टीम ने शुक्रवार सुबह स्थानीय पुलिस थाने में कार्यरत हेड कांस्टेबल प्रताप सिंह को चार हजार रुपए की रिश्वत लेते थाने की छत पर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। हेड कांस्टेबल ने रिश्वत की राशि परिवादी से मारपीट के मामले में नाम हटाने के नाम पर मांगी थी। गिरफ्तार होते ही आरोपी का रक्तचाप बढ़ गया। जिस पर एसीबी टीम ने मौके पर ही डॉक्टर को बुलाकर स्वास्थ्य की जांच कराई और आवश्यक उपचार कराया। एसीबी के डीएसपी सलेह मोहम्मद ने बताया कि एसीबी कार्यालय में कठूमर थाना क्षेत्र के गांव मुडिया निवासी देवेंद्र सिंह ने 30 नवंबर को परिवाद प्रस्तुत किया कि 12 नवंबर को उनके चाचा विजय सिंह व नाहर सिंह में क्षेत्र को लेकर आपस में झगड़ा हो गया था। दोनों ने एक-दूसरे खिलाफ मारपीट के मामले कठूमर थाने में दर्ज कराए। इन मामलों में उसका व उसके भाई का नाम भी शामिल है। इन दोनों मामलों की जांच हेड कांस्टेबल प्रताप सिंह कर रहे हैं। इस मामले में वह पिछले पांच-सात दिन से घर जाकर हम को गिरफ्तार करने की धमकी दे रहा था। हेड कांस्टेबल ने इस मामले मे परिवादी देवेंद्र सिंह एवं उसके भाई का नाम निकालने को लेकर बीस हजार रुपए की रिश्वत मांगी। लेकिन इतनी राशि देने से मना कर दिया और मामला पांच हजार रुपए में तय हुआ। हेड कांस्टेबल ने एक दिसंबर को उनके घर पर जाकर रिश्वत की राशि का एक हजार रुपए लेकर आया। एसीबी टीम ने इसका सत्यापन मौके पर कराया और शेष राशि चार हजार रुपए अगले दिन कठूमर कस्बे के बाजार में देना तय हुआ लेकिन आरोपी ने दो दिसंबर को यह रिश्वत नहीं ली। इसके बाद 5 दिसंबर को परिवादी देवेंद्र सिंह को फोन किया। अगले दिन 6 दिसंबर को रिश्वत की शेष राशि चार हजार रुपए देने के लिए कठूमर थाने पर बुलाया। परिवादी कठूमर थाने में चार हजार रुपए लेकर पहुंचा तो हेड कांंस्टेबल प्रताप सिंह ने थाने की छत पर चार हजार रुपए लेकर लोअर की जेब में रख लिए। इतने में ही परिवादी ने थाने में मौजूद एसीबी टीम को इशारा किया तो एसीबी टीम ने हेड कांस्टेबल को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।