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सहज मत लीजिए सहजन को

हमारे इर्द-गिर्द कई ऐसी चीजें हैं जिनकी अहमियत का अंदाजा हमें नहीं है। अब सहजन को ही लीजिए। सहजन को मोरिंगा भी कहते हैं जो हमारी सेहत के लिए काफी गुणकारी माना जाता है। सहजन के पेड़ का फल, फूल, छाल, पत्तियां और जड़ सभी का उपयोग स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

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सहज मत लीजिए सहजन को

सहज मत लीजिए सहजन को

पोष्टिकता से भरपूर
सहजन की पत्तियों में प्रोटीन, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन ई, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक आदि होते हैं। सहजन की फली में विटामिन सी और सहजन की पत्ती में कैल्शियम खूब होता है। सहजन में एंटी ऑक्सिडेंट, बायोएक्टिव प्लांट कंपाउंड होते हैं। सहजन की सूखी पत्तियों के 100 ग्राम पाउडर में दूध से 17 गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन होता है। यह पत्तियां प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत हैं।

मल्टी विटामिन है इसमें
एक ग्राम गाजर की तुलना में सहजन में चार गुना ज्यादा विटामिन-ए पाया जाता है। सहजन में बीटा-कैरोटीन भी खूब पाए जाते हैं। यह किसी मल्टीविटामिन कैप्सूल्स से कम प्रभावी नहीं है। सहजन की पत्तियों, जड़, तने की छाल, फलियों को एकत्र करके इन्हें सुखा लें और फिर इसका चूर्ण बना लें। रोज सुबह शाम एक एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ फांकी मार लें, ये चूर्ण किसी भी मल्टीविटामिन कैप्सूल से अधिक प्रभावी होगा।

कम वजन में सहायक
वजन घटाने में सहजन प्रभावी होता है। सहजन में डाईयूरेटिक गुण होते हैं जो कि शरीर की कोशिकाओं में अनावश्यक जल को कम करता है। इसके एंटी-इन्फ्लेमेटोरी गुण शरीर की सूजन कम करते हैं। फाइबर से भरपूर सहजन शरीर में फैट अवशोषण कम करता है। यह इन्सुलिन रेजिस्टेंस कम करके यह अनावश्यक फैट जमने को रोकता है। विटामिन बी कॉम्पलेक्स और फोलिक एसिड, पाइरीडॉक्सिन सहजन की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, ये तत्व पाचन में सहायक होते हैं।

स्पर्म मेें फायदेमंद
सहजन में जिंक, कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल भी होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। पुरुषों में स्पर्म बनने में जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और कैल्शियम शरीर में खून की कमी नहीं होने देता है। सहजन की छाल में पाए जाने वाले यौगिक स्पर्म की संख्या बढ़ाने में सहायक साबित होते हैं।

एनर्जी का संचार
सहजन की पत्तियों में पालक की तुलना में तीन गुना अधिक लौह तत्व पाए जाते हैं। सुबह-सुबह आप दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं, आप सहजन की पत्तियों की चाय बनाकर पीएं, आप खुद को एनर्जेटिक महसूस करेंगे। आपको सहजन से मिली इस ऊर्जा का दिनभर सकारात्मक एहसास होगा।

सूजन में आराम
आपको पता होना चाहिए कि सूजन को कम करने वाली हर्बल क्रीम और मसल्स की पीड़ा को दूर करने वाली क्रीम बनाने में सहजन के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। सहजन के फूलों की चाय बनाकर पीने से इसमें मौजूद पोषण की वजह से महिलाओं में यूटीआई की समस्या खत्म हो जाती है।

पेट के लिए
पेट की समस्याओं में भी सहजन से राहत मिलती है। सहजन पेट साफ करता है। इसमें फाइबर होने की वजह से यह कब्ज दूर करता है। पेट के कीड़े और जीवाणुओं से भी सहजन छुटकारा दिलाता है। सहजन की जड़ का पाउडर पेट के राउंड वर्म को खत्म करता है।

गुणकारी तेल
सहजन के बीजों से एक खाद्य तेल प्राप्त होता है जिसे बेन ऑइल कहते हैं। पोषक गुणों के आधार पर यह जैतून के तेल के बराबर होता है। इस तेल में भरपूर एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, लेकिन अन्य तेलों की तुलना में यह ज्यादा समय तक खराब नहीं होता है।