
जया गुप्ता/जयपुर. राज्य में दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इसे रोकने के लिए राज्य सरकार के प्रयास नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश के किसी भी शहर में अभी तक इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) सही प्रकार से शुरू ही नहीं हो पाया है। पांच साल पहले जयपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया सिस्टम आज तक आगे नहीं बढ़ पाया है। नतीजतन, लोग तेज गति में वाहन चलाने से लेकर लाल बत्ती उल्लंघन तक यातायात के लगभग सारे नियम तोड़ रहे हैं।
बजट घोषणा के बावजूद दो साल घूम रही फाइल: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो साल पूर्व बजट में आईटीएमएस की घोषणा की थी। जिसके तहत प्रदेश के पांच शहर जयपुर, जोधपुर, अलवर, अजमेर, उदयपुर में पांच प्रमुख चौराहे चिन्हित किए गए मगर अब तक आईटीएमएस शुरू नहीं हुआ। दो साल से परिवहन विभाग व यातायात पुलिस विभाग के बीच फाइल घूम रही है। यातायात पुलिस विभाग ने गुजरात के अहमदाबाद, सूरत आदि शहरों की स्टडी भी की लेकिन योजना लागू नहीं हो पाई।
इसीलिए प्रदेश में सफल नहीं आईटीएमएस
आईटीएमएस लागू नहीं हो पाने के पीछे बड़ा कारण है सिस्टम में एकरूपता नहीं होना। दरअसल, प्रदेश में अलग-अलग एजेंसियों (यातायात पुलिस, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जेडीए) ने अपने-अपने कैमरे लगा रखे हैं। सब अपने स्तर पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ई-चालान केवल यातायात पुलिस के कैमरों से ही जनरेट हो रहे हैं।
खास-खास- देश के अधिकांश बड़े शहरों में आईटीएमएस सिस्टम लागू
- अहमदाबाद, सूरत, दिल्ली, बेंगलूरु, चंडीगढ़, भोपाल, इंदौर सहित कई बड़े शहरों में इन्हीं कैमरों के माध्यम से रखी जा रही यातायात की निगरानी
- मध्यप्रदेश के सात शहरों में स्मार्ट सिटी के तहत चिन्हित चौराहों पर लगाया गया सिस्टम
- बड़े शहरों में हर चौराहे, सड़क पर लगा हुआ आईटीएमएस
फैक्ट फाइल :
जयपुर में आईटीएमएस से एक साल में भेजे गए ई-चालान
स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन : 10707
रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन : 2648
कुल ई-चालान : 12079
मिलकर करेंगे वाहन चालकों व सरकार को जागरूक
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Published on:
16 Feb 2023 12:43 pm

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