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एक करोड़ की फिरौती के लिए दोस्त की हत्या, शव बांधकर द्रव्यवती नदी में फेंका, हत्या के बाद आरोपी बोरे में कैसे शव ले गया : देखें वीडियो

पिता ने दर्ज कराई थी तीन दिन पहले गुमशुदगी, बाद में अपहरण की रिपोर्ट, दो दोस्त सहित तीन गिरफ्तार, आरोपियों में रिटायर्ड उप निरीक्षक के दो बेटे भी शामिल, मुंह-नाक पर टेप चिपकाई और हाथ-पैर पीछे की तरफ बांधकर 5-5 किलो के बांट लटकाए

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जयपुर. राजधानी के सांगानेर क्षेत्र में पैसों के लालच में दो दोस्त ही अपने दोस्त के हत्यारे बन गए। दोस्त का अपहरण करने के बाद हत्या कर शव द्रव्यवती नदी में फेंक दिया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के दो दोस्तों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सांगानेर के बुद्धसिंहपुरा स्थित गोकुल विहार निवासी हनुमान मीणा के पिता बैंक में जनरल मैनेजर जगदीश नारायण ने 22 मई को सांगानेर थाने में हनुमान की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अगले दिन हनुमान को बांधकर पीटने का एक वीडियो मिलने के बाद अपहरण का मामला दर्ज कराया था। हनुमान के मोबाइल की सीडीआर मिलने पर अंतिम कॉल एक्सपोर्ट का काम करने वाले उसके दोस्त बृजभान सिंह की मिली। बृजभान को पकड़ा तो अपहरण और फिरौती की कड़ी से कड़ी खुलती गई। हनुमान सरस डेयरी में कंप्यूटर ऑपरेटर था।परिवार में आने जाने वाले एडवोकेट दोस्त के कहने पर साजिश

आरोपी बृजभान ने हनुमान के अन्य दोस्त एडवोकेट दिवाकर टांक के कहने पर साजिश रचना कबूला। दिवाकर का हनुमान के घर आना जाना था। पुलिस ने बृजभान के भाई योगेन्द्र सिंह चौहान और एडवोकेट दिवाकर टांक को बुधवार शाम को पकड़कर पूछताछ की। तब आरोपियों ने हनुमान की हत्या के बाद शव प्लास्टिक के बोरे में बंद कर टोंक रोड कुंभा मार्ग के पास द्रव्यवती नदी में फेंकना कबूला। बुधवार शाम बारिश होने से शव तलाशा नहीं जा सका। गुरुवार तड़के एसडीआरएफ टीम ने नदी में शव को ढूंढ लिया। पानी में से शव रखा बोरा निकाला।बोरे को खोला तो सब सन्न रह गए

बोरे को खोला तो शव की हालत देख सब सन्न रह गए।आरोपियों ने हनुमान का मुंह व नाक पर टेप चिपका रखी थी। दोनों हाथ व पैर पीछे की तरफ रस्सी से बांध रखे थे। दोनों पैरों पर लोहे की सांकल बांध रखी थी और सांकल पर 5-5 किलो के बाट बांध कर शव पानी में फेंका था, जिससे शव पानी की सतह पर नहीं आ सके।झांसा देकर बुलाया था फ्लैट पर

डीसीपी ज्ञानचंद यादव ने बताया कि मूलत: दौसा हाल एयरपोर्ट के पास श्रीनाथ कॉलोनी निवासी बृजभान सिंह, उसके भाई योगेन्द्र सिंह चौहान और एयरपोर्ट स्थित मारूति नगर निवासी दिवाकर टांक को गिरफ्तार किया। दिवाकर सांगानेर कोर्ट में वकालत करता है। बृजभान और योगेन्द्र सेवानिवृत्त उप निरीक्षक हनुमान सिंह के बेटे हैं और कुर्ती एक्सपोर्ट का काम करते हैं। हनुमान के परिवार में दिवाकर का आना जाना था और हनुमान के परिवार के पास रकम होने की आशंका पर दिवाकर ने फिरौती के लिए बृजभान व योगेन्द्र को साजिश में शामिल किया। हनुमान को अपहरण के बाद रखने के लिए दो माह पहले ही प्रताप नगर में सन स्क्वायर अपार्टमेंट के बी ब्लॉक में फ्लैट किराए से लिया। फिर 22 मई सुबह घर से सरस डेयरी जाने के लिए निकले हनुमान को बृजभान ने फोन कर फ्लैट पर व्यापार के संबंध में बातचीत करने बुलाया। वहां पर तीनों आरोपियों ने हनुमान को बंधक बना लिया और उसके ही मोबाइल से वीडियो बना ली। बंधक बनाने के कुछ देर बाद ही मुंह व नाक पर टेप चिपकाने से दम घुटने पर हनुमान की मौत हो गई थी।गुमराह करने के लिए हनुमान के फोन काे बंद कर चालू किया

आरोपियों ने हनुमान के मोबाइल से उसको बंधक बनाने और तड़पने के वीडियो उसके पिता जगदीश को 23 मई की सुबह अजमेर रोड स्थित भांकरोटा से वाट्सऐप पर भेजे। वीडियो कॉल कर बेटे की सलामती के लिए एक करोड़ रुपए फिरौती मांगी। रुपए नहीं देने पर हनुमान की हत्या करने के बाद जगदीश और हनुमान के छोटे भाई की हत्या करने की धमकी दी। फिर मोबाइल बंद कर लिया। इससे पहले हनुमान के कपड़े पहनकर बृजभान उसकी बाइक को तारों की कूट स्थित सिद्धार्थ नगर में खड़ी कर गया और आरोपियों ने बृजभान की लग्जरी कार में शव रखकर 22 व 23 मई की मध्य रात्रि 3 बजे द्रव्यवती नदी में फेंक दिया।