जयपुर। हैरिटेज नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण—2023 में अव्वल आने के लिए सफाई व्यवस्था पर फोकस कर दिया है। निगम प्रशासन ने फिर से शहर में डस्टबिन अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ निगम खुद भी शहर में 1500 डस्टबिन लगवा रहा है, इनमें करीब 500 डस्टबिन शहरभर में लगा दिए गए है, जबकि एक हजार डस्टबिन शहर में और लगाए जा रहे है। वहीं दुकानों—प्रतिष्ठानों के अलावा थड़ी—ठेलों पर भी डस्टबिन रखवाने के लिए समझाइश शुरू कर दी गई है।
हैरिटेज निेगम प्रशासन ने शहर के कचरा डिपो मुक्त करने की कवायद के बीच अब डस्टबिन रखने, कचरा—गंदगी सड़क पर नहीं फेंकने के साथ सीएनडी वेस्ट को सड़क पर नहीं डालने के लिए लोगों से समझाइश करना शुरू कर दिया है। इसके लिए आयुक्त राजेन्द्र सिंह शेखावत ने उपायुक्त स्वास्थ्य आशीष कुमार और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ सोनिया अग्रवाल के नेतृत्व में एक टीम बनाई है। टीम शहर में गन्दगी फैलाने वालों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने कर रही है, साथ ही बाजारों, गली मोहल्लों में थड़ी—ठेले वालों के साथ दुकानदारों के पास जाकर उन्हें पुष्प भेंट कर सड़क पर गंदगी नहीं डालने के लिए समझाइश करना शुरू कर दिया है।
तीन दिन बाद सख्ती
उपायुक्त स्वास्थ्य आशीष कुमार ने बताया कि शहर में सड़क पर कचरा—गंदगी फैलानेे वालों से तीन दिन समझाइश के बाद अगर आदत में सुधार नहीं किया व सफाई रखना शुरू नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन उनके खिलाफ चालान करेगा और कैरिगं चार्ज वसूला जाएगा।
स्ट्रीट वेन्डर्स ने जताई सहमति
उधर, स्ट्रीट वैण्डर्स अब शहर को स्वच्छ व सुन्दर बनाये रखने के लिए डस्टबिन रखेंगे, इसके अलावा सड़क पर कचरा नहीं फैलाएंगे और यातायात व्यवस्था बेहतर रखने के लिए अतिक्रमण नहीं करेंगे। एक दिन पहले मंगलवार को टाउन वेन्डिंग कमेटी के 10 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने हैरिटेज निगम आयुक्त राजेन्द्र सिंह शेखावत से मुलाकात करने के बाद यह सहमति दी है।