जयपुर। श्रावण शुक्ल द्वादशी पर 28 अगस्त को शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में पवित्रा समर्पण महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। ठाकुरजी को धूप झांकी के दौरान पवित्रा धारण करवाई जाएगी। इससे पहले रविवार को मंदिर में पवित्रा पूजन किया गया। शृंगार झांकी के बाद महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने पवित्रा पूजन किया। सोमवार को सुबह धूप झांकी में ठाकुर श्रीजी को पवित्रा धारण अर्पण की जाएगी। वहीं श्रीरूप गोस्वामी के तिरोभाव महोत्सव के तहत शाम 7 बजे मंदिर में हरिनाम संकीर्तन भी किया जाएगा।
श्रावणी पूर्णिमा पर संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में संस्कृत निदेशालय की ओर से संस्कृत-संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके लिए 29 अगस्त को बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में विद्वानों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। संस्कृत शिक्षा के निदेशक डॉ. भास्कर शर्मा ‘श्रोत्रिय’ ने बताया कि इसके तहत 1 लाख रुपये का संस्कृत साधना शिखर सम्मान इस वर्ष पं. सांवरमल शर्मा को दिया जाएगा। 51,000 रुपए का संस्कृत साधना सम्मान डॉ. दीरघराम रामस्नेही व डॉ. गजानन मिश्र को दिया जाएगा। इसी के साथ 31 हजार के 6 संस्कृत-विद्वत् सम्मान, 21 हजार रुपए के संस्कृत-युवा-प्रतिभा-सम्मान के तहत 12 विद्वानों का सम्मान दिया जाएगा। साथ ही विशिष्ट सेवा सम्मान, भामाशाह प्रेरक सम्मान एवं मंत्रालयिक सेवा सम्मान भी दिए जाएंगे।