जयपुर। श्रावण पूर्णिमा पर आज बलराम पूर्णिमा मनाई जा रही है। राजधानी के जगतपुरा के हरे कृष्ण मार्ग स्थित श्री कृष्ण बलराम मंदिर में आज विशेष आयोजन हो रहा है। यहां बलरामजी श्रीकृष्ण के कंधे पर हाथ रखे हुए दर्शन दे रहे है, वहीं दूसरे हाथ में हल थामे हुए है। मंदिर में रोजाना 7 बार आरती होती है, वहीं 8 बार श्रीकृष्ण व बलरामजी को भोग लगाया जाता है। आज शाम 6 बजे से बलराम पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन होगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले आज बलरामजी का प्राक्टयोत्सव मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण बलराम मंदिर की साल 2012 में अक्षय तृतीया पर स्थापना के साथ ही नियमित रूप से यहां हर रोज दिन में 7 बार आरती हो रही है, सबसे पहली आरती सुबह 4.30 बजे मंगला आरती होती है। वहीं 8 बार भोग लग रहा है, जिसमें मिठाइयां, फल—फ्रूट, दाल—चपाती, ज्यूस आदि शामिल है। हर दिन श्रीकृष्ण—बलरामजी को नई पोशाक धारण करवाई जा रही है। बलरामजी नीलांबरधारी होने से उन्हें नीले रंग की पोशाक धारण करवाई जाती है। वहीं हल व गदाधारी के रूप में दर्शन होते है।
दिन में 8 बार लगता भोग
समय— भोग
सुबह 4 बजे — बालभोग में मिठाइयां
सुबह 6.30 बजे — फल—फ्रूट का भोग
सुबह 8 बजे — नमकीन भोग
दोपहर 12 बजे — राजभोग में 10 आयटम शामिल
शाम 4 बजे — फल—ज्यूज का भोग
शाम 5 बजे — संध्या भोग में चपाती, दाल—चावल
शाम 7.30 बजे — दूध व ड्रायफ्रूट का भोग
महाअभिषेक व महासंकीर्तन आज
श्री बलराम जयंती का आयोजन आज शाम 6 बजे से हो रहा है। ब्रह्म संहिता की प्रार्थना के साथ श्री कृष्ण बलराम के 108 कलशों के साथ पवित्र जल से अभिषेक का विशेष आकर्षण रहेगा। मंदिर के अध्यक्ष अमितासन दास ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण और बलराम जी का उत्सव विग्रह के भव्य अभिषेक से होगी। इसमें पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, मीठे जल), पंचगव्य और विविध प्रकार के फलों के रस, औषधियों से मिश्रित जल से भरे 108 कलशों और नारियल पानी से होने वाले अभिषेक का भक्तों में आकर्षण रहेगा। भगवान की भव्य पालकी भी निकाली जाएगी और हरे कृष्ण महामंत्र “हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे , हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे” का महासंकीर्तन और महाआरती की जाएगी। इस अवसर पर भगवान् कृष्ण बलराम के अर्चाविग्रह की विशेष झांकी सजाई जाएगी। इस बीच फूलों की वर्षा होगी। 108 भोग भी अर्पित किये जाएंगे।