जयपुर. राजस्थान हॉस्पिटल व ब्रेन टॉवर सुपर स्पेशिएलिटी के संचालक डॉक्टरों को 50-50 लाख रुपए की रंगदारी के लिए अमेरिका व इग्लैंड से वीपीएन नंबर के जरिए इंटरनेट फोन किए गए थे। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पहली बार धमकी देने के मामले में पूरी चैन का पता चल सका है। वसूली के लिए राजस्थान हॉस्पिटल के डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल और ब्रैन टॉवर सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के डॉ. सुनीत शाह के मोबाइल नंबर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के पंजाब की पटियाला जेल में बंद शूटर रविन्द्र सिंह उर्फ काली शूटर को उपलब्ध करवाए। काली शूटर ने अपने अमेरिका में बैठे दोस्त से डॉ. अग्रवाल को 16 अगस्त और ईग्लैंड में बैठे दोस्त से 24 अगस्त को डॉ. शाह को वसूली के लिए धमकीभरा फोन करवाया। जोसफ ने बताया कि मामला सामने आने के बाद एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नोई व एडिशनल डीसीपी राम ङ्क्षसह शेखावत को बदमाशों को पकडऩे की जिम्मेदारी सौंपी गई। दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने 25 दिन में गैंग का पर्दाफाश किया। डॉक्टरों के नंबर देने वाली मूलत: मालवीय नगर हाल प्रताप नगर निवासी खुशबू उर्फ खुशी चेलानी, पंजाब के मौहाली निवासी काली शूटर और हनुमानगढ़ के संगरिया निवासी शूटर राहुल उर्फ मिनी पेट्रोल व हर्ष भादू को गिरफ्तार किया। अमेरिका व इग्लैंड से फोन करने वाले दोनों आरोपियों को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दोनों डॉक्टरों पर फायरिंग करवाने शूटर भेजे
एडिशनल पुलिस कमिश्नर बिश्नोई ने बताया कि जेल में बंद काली शूटर ने डॉ. अग्रवाल को धमकी देने के बाद संगरिया निवासी शूटर राहुल उर्फ मिनी पेट्रोल को धमकाने के लिए फायरिंग करने के लिए जयपुर भेजा। शूटर राहुल अपने साथी हर्ष व एक अन्य के साथ 18 अगस्त को जयपुर आ गया। जयपुर में 21 अगस्त तक डॉ. अग्रवाल के घर, हॉस्पिटल व गाड़ी पर फायरिंग करने के लिए रैकी की, लेकिन पुलिस के होने के कारण वारदात नहीं कर सके और वापस चंडीगढ़ लौट गए। इसके बाद डॉ. शाह को वसूली के लिए फोन आया। तकनीकी टीम व साइबर एक्सपर्ट पुलिसकर्मी दिन रात मामले के खुलासे के लिए जुटे रहे।
सबसे पहले मिनी पेट्रोल के जयपुर में आने की सूचना मिली
एडिशनल डीसीपी रामसिंह शेखावत ने बताया कि तकनीकी टीम को सबसे पहले शूटर मिनी पेट्रोल के जयपुर में आकर वापस लौटने की जानकारी लगी। तकनीकी टीम ने पुख्ता कर दिया कि मिनी पेट्रोल 18 अगस्त से 21 अगस्त तक जयपुर में रहा और यहां-यहां रैकी की। मिनी पेट्रोल ने संगरिया में भी वसूली के लिए रैकी व फायरिंंग की घटना को अंजाम दिया था। इसके चलते उसकी तलाश में अलग-अलग पुलिस टीम जुटी। दो दिन पहले चंडीगढ़ से साथी हर्ष के साथ जयपुर लौटे मिनी पेट्रोल को पुलिस ने पकड़ लिया।
फिर कड़ी से कड़ी खुलती गई
राम सिंह शेखावत ने बताया कि मिनी पेट्रोल को पकडऩे के बाद उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि पटियाला जेल में बंद काली शूटर ने उसको जयपुर में दो डॉक्टरों पर वसूली के लिए फायरिंग कर धमकाने के लिए भेजा है। उसकी सूचना पर पटियाला जेल से काली शूटर को प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। तकनीकी टीम के निरीक्षक चन्द्र प्रकाश व पुलिसकर्मी राकेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राहुल शूटर भी मार्च 2023 में जेल से जमानत पर बाहर आया था।
2018 से जेल में बंद, चार वर्ष से खुशी से मोबाइल पर था संपर्क
शेखावत ने बताया कि काली शूटर वर्ष 2018 से दिल्ली व पंजाब की कई जेल में लगातार बंद रह चुका। वर्तमान में पटियाला जेल में बंद था। उसकी चार वर्ष पहले इंस्ट्राग्राम पर मालवीय नगर निवासी खुशी से दोस्ती हुई थी। खुशी को उसके जेल में होने का पता था। खुशी ने ही दोनों डॉक्टरों के नंबर उपलब्ध करवाए थे और कहा था कि दोनों काफी पैसे वाले हैं। आसानी से पैसे दे देंगे। खुशी ने गत वर्ष डॉ. अग्रवाल के ब्लड बैंक में रक्तदान के लिए कैम्प भी लगवाया था। गौरतलब है कि खुशी एक राजनीतिक पार्टी में मालवीय नगर मंडल की उपाध्यक्ष बताई जाती है।