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लॉरेंस का काली शूटर बोला : मैंने तो राजस्थान में कदम नहीं रखा, फिर क्यूं गिरफ्तार किया

खुशी अपने लिए कर रही थी गैंग का उपयोग  

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नाबालिग की हत्या का आरोप, मामला दर्ज

नाबालिग की हत्या का आरोप, मामला दर्ज

जयपुर.

जयपुर. राजस्थान हॉस्पिटल व ब्रेन टॉवर सुपर स्पेशिएलिटी के संचालकों को अमेरिका व इंग्लैंड से धमकी दिलवाने के मामले में पटियाला जेल से गिरफ्तार काली शूटर ने कहा कि मैंने तो राजस्थान में कदम तक नहीं रखा, फिर उसे जयपुर क्यों ले जाया जा रहा है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नोई ने बताया कि काली शूटर को जयपुर लाकर संगरिया निवासी शूटर राहुल उर्फ मिनी पेट्रोल से सामना करवाया तो उसके सारा माजरा समझ में आ गया। काली शूटर ने खुद ही उगल दिया कि इंस्ट्राग्राम दोस्त खुशी के कहने पर उसने रैकी और वसूली के लिए मिनी पेट्रोल को जयपुर भेजा था। वसूली नहीं होने पर डॉक्टर के हॉस्पिटल व घर पर फायरिंग करवाकर ट्रेलर दिखाते। गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई या फिर गिरोह के अन्य बड़े बदमाशों के कहने पर वारदात को अंजाम दिया। पहली बार खुशी की दोस्ती के चलते डाक्टरों को धमकी दिलवाई थी। बिश्रोई ने बताया कि डॉक्टरों को धमकी मिलने से पहले रसूखदारों को मिली धमकी लारेंस गैंग व गोल्डी बराड़ गैंग ने वसूली के लिए दी थी, लेकिन गैंग की बजाय आरोपी खुशी चेलानी ने धमकी दिलवाई। आरोपी खुशी चेलानी के माता-पिता दिव्यांग है। रामबाग स्थित एक कॉलेज से फेशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा करने के बाद खुशी समाज सेवा से जुड़ गई। परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी और राजनीति में भी आना चाहती थी। खुशी ने अपने दो इंस्ट्राग्राम बनाए। एक इंस्ट्राग्राम पर समाज सेवा से जुड़े काम सोशल मीडिया पर अपलोड करती। वहीं दूसरे इंस्ट्राग्राम पर गैंगस्टरों की जानकारी जुटाकर उनसे संपर्क करने का प्रयास करती। करीब चार वर्ष पहले खुशी ने साजिश रचना शुरू कर दिया। इसके चलते लंबे समय से जेल में बंद काली शूटर के इंस्ट्राग्राम पर उसे मैसेज भेजा। काली ने जवाब दिया तो वह उससे इंस्ट्राग्राम पर जुड़ गई। बाद में उसे अच्छा दोस्त बना लिया और वीडियो कॉल, चैट व कई अन्य सोशल मीडिया प्लेट फार्म के जरिए लगातार संपर्क में रही। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि काली शूटर चार वर्ष से खुशी के संपर्क में था और उससे कई तरह की बाते करता था। काली शूटर शादी करने तक की सोच रहा था। पूछताछ में काली शूटर ने बताया कि खुशी ने जयपुर की मेयर बनने की बात कही और पार्षद का चुनाव लडऩे के लिए पैसों की जरूरत बताई। तब उसने दोनों चिकित्सकों के नंबर भी दिए। खुशी की साजिश थी कि रुपए वसूलने के बाद जो रुपयों से मानता उन्हें रुपए दे देती। जो रुपए लेकर भी बात नहीं मानता तो उसे काली शूटर के जरिए धमकी दिलाकर खुद की धाक जमाना चाहती थी। पुलिस ने काली से पूछताछ की तो उसने कहा कि खुशी से केवल इंस्ट्राग्राम पर ही संपर्क में था। पुलिस ने खुशी चेलानी की इंस्ट्राग्राम प्रोफाइल खंगालने के बाद उसकी तस्दीक की और उसे पकड़ा। तब वह बोली उसे क्यों पकड़ा है। तब काली से सामना करवाया तो वह सकपका गई। खुशी के मोबाइल में काली और उसकी कई चैट व अन्य सामग्री भी मिली।