जयपुर। अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में शुक्रवार को तीन दिवसीय ‘हथकरघा प्रदर्शनी’ शुरू हुई। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी का कला एवं संस्कृति मंत्री बी.डी. कल्ला ने उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में जूट, बांस, रेमी, ऑप्टिक फाइबर और पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक से बने सभी हथकरघा उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक लोगों के लिए खुली है।
बुनकर सेवा केंद्र, कार्यालय विकास आयुक्त हथकरघा और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से आयोजित इस हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी में लाइव हथकरघा और अन्य प्रचार-प्रसार गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। मंत्री बी.डी. कल्ला ने कहा कि हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र हमारे देश की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। आम जन की जागरूकता के लिए आवश्यक है। इस मौके पर पुरातत्व विभाग के निदेशक महेंद्र खडगावत, बुनकर सेवा केंद्र, जयपुर, के उपनिदेशक तपन शर्मा सहित पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक कृष्णकांता शर्मा, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के अधीक्षक राकेश छोलक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनी का समापन 28 मई को
उपनिदेशक तपन शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य हथकरघा उत्पादों की विशिष्टता को उजागर करने के अलावा उत्पादों को प्रोत्साहित करने और उन्हें एक अलग पहचान देने के लिए पर्यावरण पर शून्य प्रभाव को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के छात्र/छात्राओं व अन्य लोगों ने भाग लिया। तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 28 मई को होगा।