
सविता व्यास
जयपुर। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे कला विरासत में मिली है। खासकर मेरी दादी को काले और सफेद स्केच इकट्ठा करने का शौक था। जब मैं छोटी बच्ची थी तो दादी ने सामान्य फ्लैश कार्ड के बजाय इन स्केच का उपयोग करती थी, जो कि बच्चे के मानसिक विकास का एक अनोखा तरीका था। बस यहीं से आर्ट फॉर बेबी किताब की नींव डली। यह कहना है रुद्रिता श्रॉफ का, जिनका मुख्य उद्देश्य लोगों को बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिनों के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक करना है। जयपुर आर्ट वीक के तहत पब्लिक आर्ट्स ट्रस्ट ऑफ इंडिया के जयपुर स्थित मुख्यालय में रुद्रिता श्रॉफ की बुक लॉन्च की गई। लोगों से खचाखच परिसर में पब्लिक आर्ट्स ट्रस्ट ऑफ इंडिया की फाउंडर सना रिजवान ने बुक को लॉन्च किया। रुद्रिता ने बताया कि हमें बच्चे की पैदाइश से उसे रंगों से जोड़ना चाहिए। यह बुक 3 साल तक के बच्चों के लिए हैं। जब वे देखकर समझना शुरू करते हैं। इस किताब में कलाकार ध्रुवी आचार्य, ज्योत्सना भट्ट, जोगन चौधरी, अतुल डोडिया, शिल्पा गुप्ता, एनएस हर्षा, रीना सैनी, शकुंतला कुलकर्णी, मनीष नाई, अमोल पाटिल, गिगि स्कारिया, सुदर्शन शेट्टी की पेंटिंग्स, फोटोग्राफ को शामिल किया गया है। रुद्रिता ने बच्चों के पहले 1000 दिनों के महत्व के बारे में शोध किया है। इसमें पाया कि यह समय बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस विचार से प्रेरित होकर कलाकारों के साथ मिलकर एक परियोजना शुरू की, जो बच्चों के मस्तिष्क विकास में मदद करती है।
Updated on:
03 Feb 2025 03:28 pm
Published on:
03 Feb 2025 03:26 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
