Jaipur City Market: चांदी की टकसाल बाजार धीरे—धीरे टूरिस्ट मार्केट में बदलता जा रहा है। पटाखों के कारोबार के साथ इस बाजार ने अब राजस्थानी कपड़े, जूतियां, बेड्शीट्स आदि को लेकर भी अपनी पहचान बनाई है।
जयपुर। चांदी की टकसाल बाजार धीरे—धीरे टूरिस्ट मार्केट में बदलता जा रहा है। पटाखों के कारोबार के साथ इस बाजार ने अब राजस्थानी कपड़े, जूतियां, बेड्शीट्स आदि को लेकर भी अपनी पहचान बनाई है। दिनभर बाजार में पर्यटकों का आवागमन देखा जा सकता है। ट्रैफिक जाम बाजार की अब आम समस्या बनती जा रही है।
चांदी की टकसाल बाजार में करीब 250 से अधिक दुकानें है। इस बाजार के नजदीक हवामहल और सिटी पैलेस होने से अब यह बाजार टूरिस्ट बाजार के रूम में अपनी पहचान बनाता जा रहा है, इसके साथ ही बाजार का विस्तार होता जा रहा है। बाजार में दिनभर पर्यटकों का आवागम होने से यहां राजस्थानी परिधानों की दुकानें भी बढ़ती जा रही है, जिसमें सांगानेरी व बगरू प्रिंट के कपड़े, बैडशीट, जयपुरी जूतियां, लाख के बने आयटम, संगमरमर की मूर्तियां, हैंडबैग आदि की अधिक दुकानें है। वहीं बाजार में होटले भी बढ़ती जा रही है। व्यापारियों की मानें तो बाजार में अब 10 से 15 होटले बन गई है।
बाजार खास—खास
— 250 से अधिक दुकानें है बाजार में
— 10 से अधिक होटले है इस बाजार में
— 15 से अधिक पटाखों की दुकानें है यहां
— सप्ताह में 7 दिन बाजार खुलता है
काले हनुमानजी का प्रसिद्ध मंदिर
चांदी की टकसाल बाजार में काले हनुमानजी का प्रसिद्ध मंदिर है, जिसके चलते इस लोग इस बाजार का नाम जानने लगे है। मंदिर में रोजाना भक्तों की भीड़ रहती है। मंगलवार व शनिवार को यहां बाहर तक भक्तों की लाइनें लगती है।
बाजार की समस्या
— चांदी की टकसाल बाजार में दिनों—दिन ट्रैफिक की समस्या बढ़ती जा रही है। बाजार के पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। सड़क पर वाहन खड़े रहते है।
— बाजार में दिनभर पर्यटकों के आवागमन के चलते लपके भी घूमते नजर आते है।
— बाजार में ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं होने से बारिश में जलभराव की बड़ी समस्या है, जिससे दुकानदान सबसे अधिक परेशान है। बारिश के दौरान यहां हनुमानजी मंदिर के बाहर तालाब सा नजारा देखने को मिलता है।
स्मार्ट सिटी ने छोड़ा अधूरा काम
चांदी की टकसाल व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रकाश सिंह का कहना है कि चांदी की टकसाल बाजार अब पर्यटक बाजार बनता जा रहा है। यहां दिनभर पर्यटकों का आवागमन रहता है, इससे यहां लपके की समस्या है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या बाजार में स्मार्ट सिटी ने आधा अधूरा काम छोड़ दिया है। ट्रेफिक जाम की समस्या को लेकर डीसीपी को भी कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बाजार में बढ़ता जाम
चांदी की टकसाल व्यापार मंडल महामंत्री जहीर अहमद का कहना है कि बाजार में अतिक्रमण और ट्रेफिक जाम बड़ी समस्या बनता जा रहा है। पर्यटन सीजन में बाजार में जाम की समस्या अधिक बढ़ जाती है। यहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। बाजार के कट बंद करने से भी जाम बढ़ रहा है। पर्यटक सीजन में प्रशासन बाजार को अतिक्रमण मुक्त करवा दे तो समस्या का समाधान कुछ संभव है।