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jaipur : ये शहर इतना गन्दा क्यों है ?

5 माह में भी नहीं हुआ कर्मचारियों का समानीकरण, सफाई व्यवस्था बेपटरी

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जगह-जगह कचरे के ढेर, बढ़ता जा रहा आक्रोश

जगह-जगह कचरे के ढेर, बढ़ता जा रहा आक्रोश

जयपुर। शहर में सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। हेरिटेज नगर निगम में सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के लिए वार्डों में सफाई कर्मचारियों के समानीकरण की कवायद शुरू की, लेकिन 5 माह बाद भी कर्मचारियों का समानीकरण नहीं कर पाए हैं। अब पार्षदों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हकीकत यह है सड़कों पर नियमित रूप से झाडू भी नहीं लग पा रही है।

हेरिटेज निगम क्षेत्र में वार्डों में सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कर्मचारियों का समानीकरण करने की कवायद शुरू की गई। इसके लिए निगम आयुक्त ने एक कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए, लेकिन पिछले 5 माह से वार्डों में सफाई कर्मचारियों का समानीकरण नहीं हो पा रहा है। किसी वार्ड में 70 से 80 कर्मचारी काम कर रहे है तो किसी वार्ड में 10 से 20 कर्मचारी ही लगे हुए है। जिन वार्डों में सफाई कर्मचारी कम है, वहां सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। सफाई कर्मचारियों के समानीकरण को लेकर पार्षदों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पार्षद इस मामले को लेकर महापौर मुनेश गुर्जर के सामने भी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं ।

पार्षदों का कहना है...
वार्ड 95 के पार्षद महेश कुमार कलवानी का कहना है कि सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। खासकर सीवर लाइन की सफाई को लेकर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सीवर लाइन सफाई की शिकायतें 7 से 8 दिन में भी दूर नहीं हो रही है। निगम कार्मिक एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर बचते है। वार्ड में खुले नाले में सीवरेज बह रही है, इससे स्थानीय निवासी काफी परेशान हो रहे है।

वार्ड 6 के पार्षद जाहिद निर्वाण का कहना है कि वार्ड में सफाई नहीं हो पा रही है, जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। करीब 8 माह पहले सफाई कर्मचारियों के समानीकरण करने के लिए कमेटी बनाई गई, लेकिन अभी तक कर्मचारियों का समानीकरण नहीं किया गया है। वार्ड की आबादी 10 हजार से अधिक है, वार्ड में सिर्फ 16 कर्मचारी ही दे रखे हैं। वार्ड 12 की पार्षद मोजम अख्तर हुसैन का कहना है कि सफाई के नाम पर सिर्फ 18 कर्मचारी दे रखे है, जो काफी कम है, इससे वार्ड में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ी भी समय पर नहीं आती है, ऐसे में घरों का कचरा लोग सड़क पर ही डाल देते हैं।