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गंगानगर से रिश्वत के 3.30 लाख रुपए लेकर आए, जयपुर में भी ठेकेदार से 45 हजार वसूलते पकड़े गए

एसीबी की कार्यवाही : शिक्षा विभाग का एईएन व जेईएन गिरफ्तार, शिक्षा संकुल के अधिशाषी अभियंता के साथ अधीक्षण अभियंता के घर पहुंचे, लेकिन बाहर ही ठहर गए, एसई के घर भी एसीबी का सर्च जारी

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मुकेश शर्मा / जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शिक्षा विभाग में चल रहे रिश्वत प्रकरण का खुलाया किया है। एसीबी ने शिक्षा विभाग के एईएन हरमीत सिंह व जेईएन रामप्रकाश को गिरफ्तार किया है। जबकि अधीक्षण अभियंता (एसई) रिछपाल सिंह और अधिशाषी अभियंता तरूण शर्मा की भूमिका की पड़ताल कर रही है। एसीबी टीम सोमवार रात को रिछपाल सिंह के घर पर सर्च करने में जुटी थी।

एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने बताया कि गंगानगर में दो सरकारी स्कूल में ठेकेदार इन्द्रसेन ने 35 लाख रुपए में भवन निर्माण का काम किया था। पीडि़त के बकाया एक बिल के भुगतान को रोक लिया गया। बदले मेें संबंधित जेईएन ने 3 प्रतिशत कमिशन ले लिया। ठेकेदार से एईएन हरमीत ने 2 प्रतिशत राशि वसूल ली। एईएन हरमीत एक प्रतिशत राशि अधीक्षण अभियंता रिछपाल सिंह के लिए मांग रहा था। एईएन व जेईएन को रिश्वत देने के बावजूद अधीक्षण अभियंता के लिए रिश्वत मांगने पर पीडि़त ठेकेदार करीब एक माह पहले एसीबी को इस संबंध में शिकायत की। मामला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत को सौंपा गया।

52 हजार की जगह 45 हजार दे देना

एएसपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि एसीबी टीम ने सत्यापन किया तो एईएन ने अधीक्षण अभियंता का एक प्रतिशत हिस्से में 52 हजार रुपए बनना बताया। लेकिन पीडि़त को 45 हजार रुपए में सौदा तय किया। रिश्वत की राशि जयपुर में ही देना तय किया। रविवार को एईएन हरमीत ने हरमाड़ा स्थित सीकर रोड निवासी पीडि़त ठेकेदार को सोमवार को जयपुर में आने की जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता के हिस्से की राशि सीकर रोड पर ही देने के लिए कहा। सोमवार दोपहर साढ़े बारह बजे आरोपी एईएन हरमीत व विभाग के अन्य जेईएन रामप्रकाश के साथ सीकर रोड पहुंचा। यहां पर पीडि़त ठेकेदार से रिश्वत के 45 हजार रुपए लिए, तभी उनको पकड़ लिया।

3.30 लाख रुपए और मिले

एएसपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि आरोपी एईएन व जेईएन की कार की सर्च की तो उसमें 3.30 लाख रुपए रखे और मिले। पूछताछ में उक्त राशि भी बिलों के भुगतान के एवज में अधीक्षण अभियंता के लिए कमीशन के तौर पर मिलना बताया। तब दोनों को एसीबी का गवाह बनने की बात कही और रिश्वत की पूरी राशि अधीक्षण अभियंता रिछपाल सिंह को देने शिक्षा संकुल भेजा। अधीक्षण अभियंता के मीटिंग में व्यस्त होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी और ना ही फोन पर संपर्क हो सका। तब एईएन व जेईएन ने अधिशाषी अभियंता तरूण शर्मा से संपर्क किया। अधिशाषी अभियंता ने अधीक्षण अभियंता से संपर्क किया। बाद में अधिशाषी अभियंता एईएन व जेईएन के साथ रिश्वत की राशि लेकर जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित चन्द्रावती कॉलोनी में अधीक्षण अभियंता के आवास के बाहर पहुंचे। एएसपी शेखावत ने संभावना जताई कि अधिशाषी अभियंता एक बार कार से नीचे उतरे, लेकिन उन्हें शक हो गया या फिर उनको एईएन व जेईएन ने गुपचुप में माजरा समझा दिया। इसलिए अधिशाषी अभियंता वापस कार में बैठ गया। तब एईएन व जेईएन को गिरफ्तार किया गया और अधीक्षण अभियंता रिछपाल सिंह के घर सर्च शुरू किया।

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