
खोह नागोरियान पहाड़ी पर विराजित है केदारनाथ
Kedarnathji Temple Jaipur जयपुर। छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध जयपुर शहर में भगवान भोले के विभिन्न रूप विराजित है। इनमें कई ऐतिहासिक मंदिर है, जो आज भी लोगों के आस्था का केन्द्र बने हुए है। प्रमुख मंदिरों के अलावा कुछ मंदिर ऐसे भी है, जहां लोग हर साल महाशिवरात्रि पर पैदल पहुंचते है। लोगों की आस्था के चलते इन मंदिरों में मेला सा माहौल रहता है। Khoh Nagorian Hill ऐसा ही एक मंदिर खोह नागोरियान की पहाड़ी पर केदारनाथजी का है, जहां हर महाशिवरात्रि पर लोगों का हुजूम उमड़ता है। पहाड़ी पर होने के बाद भी लोग अलसुबह से ही इस मंदिर के दर्शनों के लिए पहुंचते है। कुछ लोग पैदल ही केदारनाथ के दर्शनों के लिए आते है।
भक्त बद्रीनारायण मीना ने बताया कि यह मंदिर करीब एक हजार साल पुराना है। यह चांदा मीना के समय से है। तब से ही इस मंदिर के प्रति लोगों की आस्था जुडी हुई है।लोग हर सावन और महाशिवरात्रि पर यहां पैदल आते है और केदारनाथ के जलाभिषेक करते है। इस शिवरात्रि पर भी अलसुबह से ही लोग यहां पदैल पहुंच रहे है। सुबह से केदारनाथ के जलाभिषेक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर के पास ही चांदा मीना का महल भी है। लोगों की आस्था है कि भगवान केदारनाथ की कृपा से कई लोग सफल हुए है। यहां कई नौकरीपेशा लोग भी सेवा—पूजा के लिए आते है। पहाड़ी पर होने के बाद भी छोटे—छोटे बच्चे भी अपने परिजनों के साथ पैदल आ रहे है। आसपास की कॉलोनियों, गांव—ढाणियों के लेागों के बीच ये केदानाथजी आस्था के केन्द्र बने हुए है।
Published on:
01 Mar 2022 10:50 am
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