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देश का पहला सरकारी कार्यालय जहां राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाना हुआ अनिवार्य, विवाद शुरू

नगर निगम में काम शुरू करने से पहले राष्ट्रगान और कार्यालय से निकलने से पहले राष्ट्रगीत गुनगुनाने का नवाचार शुरू हो गया है।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 1 Nov 2017, 11:01 AM IST

national anthem

जयपुर। नगर निगम में काम शुरू करने से पहले राष्ट्रगान और कार्यालय से निकलने से पहले राष्ट्रगीत गुनगुनाने का नवाचार शुरू हो गया है। राजधानी में पहला सरकारी कार्यालय हैं जहां इस तरह की प्रक्रिया शुरू की गई। महापौर अशोक लाहोटी के साथ अधिकारी—कर्मचारी व कुछ पार्षदों ने समूह में राष्ट्रगान गाया। हालांकि, इस बीच विवाद भी शुरू हो गया। जहां कांग्रेसी इसके विरोध में आ गए। उधर, इसका विरोध करने वाले विपक्षी पार्षदों को महापौर ने पाकिस्तान चले जाने की नसीहत दे दी। वे कांग्रेसी पार्षदों पर बरसे और कहा कि हम किसी धर्म का नारा लगाने के लिए तो कह नहीं रहे, लेकिन हम जिस राष्ट्र में रहते हैं, उसका विरोध करना गलत है।

लेट पर शिकंजा
देरी से आने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए निगम मुख्यालय में बॉयोमैट्रिक मशीन सुबह 10 बजे बाद बंद कर दी जाएगी। इसके बाद आधे दिन का अवकाश लगाया जाएगा।

जनता का अपमान
जमात-ए-इस्लामी हिंद के प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर खुर्शीद हुसैन ने इसे जनता की भावनाओं को आहत करने वाला बताया। कहा, यह विशेषकर अल्पसंख्यकों के लिए मुश्किलें पैदा करेगा और भेदभाव होगा।

सौहार्द होगा कायम
प्रदेश भाजपा कार्यालय में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की अनिवार्यता को सही बताया। उनका कहना था कि यदि राष्ट्रगान को दस मिनट दे दिए जाएं तो इसमें क्या परेशानी है। वर्मा ने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाना अच्छी बात है, सौहार्द का वातावरण बनता है।

बयान की निंदा की
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा ने राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत गायन के संबंध में पाकिस्तान जाने के बयान की निंदा की है। शर्मा ने कहा कि भाजपा नेताओं में खुद को राष्ट्रवादी साबित करने की होड़ मची हुई है। नगर निगम में आज से यह परम्परा शुरू की गई तब कांग्रेस के सभी पार्षद वहां मौजूद थे।

- राजनीति से ऊपर उठ इस व्यवस्था से जुडऩा चाहिए। सभी ने व्यवस्था को सराहा है।
अशोक लाहोटी, महापौर

- क्या राष्ट्रभक्ति दिखाने का यही माध्यम है। इससे तो व्यवस्था बिगड़ेगी।
धरमसिंह सिंघानिया, उपनेता प्रतिपक्ष, नगर निगम