जयपुर. जयपुर पुलिस कमिश्नर के पद से तबादला होने के बाद विदाई से पहले बुधवार शाम को आईपीएस आनंद श्रीवास्तव ने चांदपोल पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों की संपर्क सभा ली। इस दौरान श्रीवास्तव ने कहा कि कमिश्नरेट के पुलिसकर्मियों ने देशभर में पहचान बनाई है। जी क्लब फायरिंग का मामला हो या फिर अन्य कई गंभीर अपराध (हत्या, अपहरण, बलात्कार) बड़े से बड़ा अपराध करने वालों की पहचान कर गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि जयपुर पुलिस के साथ 12 वर्ष तक काम किया। कमिश्नर के तौर पर 4 वर्ष 8 माह तक काम किया। जयपुर पुलिस के सामने बड़ी-बड़ी चुनौती आई, लेकिन सब एक टीम भावना से काम करते हैं और चुनौती अच्छे से सामना करते हैं।जयपुर पुलिस बहुत ताकतवर है। संपर्क सभा में जवानों को और बेहतर और जज्बे के साथ काम करने की नसीहत दी। विदाई के दौरान वे भावुक हो गए। इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश, कैलाश बिश्नोई, राष्ट्रदीप, डीसीपी राशि डोगरा डूडी, प्रहलाद कृष्णिया, योगेश गोयल व ज्ञानचंद यादव के साथ-साथ सभी एडिशनल डीसीपी, एसीपी व इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे। श्रीवास्तव को एडीजी कानून व्यवस्था के पद पर लगाया गया है।
पर्दे के पीछे आप, पुलिस को श्रेष्ठ बनाया
एडिशनल पुलिस कमिश्नर बिश्नोई के स्वागत भाषण के बाद आईपीएस श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में काम करने वाले कुक, धोबी, मोची व सफाई कर्मियों को सम्मानित किया। जवानों के साथ नीचे बैठकर फोटो खिंचवाई। नीट व जेईई में चयनीय हुए पुलिसकर्मियों के बच्चे और सब इंस्पेक्टर पद के लिए चयनित जवानों को सम्मानित करते हुए आगे पढ़ाई कर बढ़ते रहने की सलाह दी। श्रीवास्तव ने कहा कि पर्दे के पीछे कुक, धोबी, मोची व सफाईकर्मी हैं, जो समय पर पुलिस जवान व अधिकारियों को भोजन और साफ सुथरे कपड़े उपलब्ध करवाते हैं। इनके कारण ही पुलिस मुश्तैदी से काम करती है।