जयपुर। पुष्कर के मेला मैदान में जिला प्रशासन की ओर से पुष्कर में मेले का समापन समारोह रंगारंग रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में राजस्थानी छाता निकल गई है। मूंछों के ताव देते हाथ में तलवारे लिए रण बांकुरे होठों पर सवार होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। काछी घोड़ी नृत्य पर्यटकों को भा रहा है। बाड़मेर के लोक कलाकार अपना गैर नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं ढोल कि थाप पर नाचती कालबेलिया का नृत्य केमल सफारी के साथ-साथ देसी-विदेशी पर्यटकों की रस्सा कस्सी, दौड़ मटका रेस शाहिद काफी मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है मेला मैदान दर्शकों से खचाखच भरा हुआ है।
गौरतलब है कि धार्मिक नगरी पुष्कर मेले के अलावा पुष्कर पशु मेला भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुका है। इस मेले में राजस्थान ही नहीं पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार के किसान उंटों, घोड़े की खरीदारी करने के लिए पुष्कर में आते हैं। करोड़ों रुपए की खरीदारी की जाती है। वर्तमान के इस मेले में पशु मेला मैदान में करीब 8 करोड़ से भी अधिक रुपए की पशुओं की खरीदारी व्यापार होने के पशुपालन विभाग के पास रेकाॅर्ड मौजूद हैं। पशुपालन विभाग एवं पर्यटन विभाग की ओर से पुष्कर पशु मेले में श्रोताओं किसान किसानों पर पशुपालकों के लिए तीन प्रकार के सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं भी की जाती है पशुओं की प्रतियोगिताएं भी होती है जिसमें सर्वश्रेष्ठ सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय, सबसे अच्छा घोड़ा सबसे ज्यादा बिकने वाला ऊंट भी पुस्तक किया जाता है।