सचिवालय में बिजली गुल, लिफ्ट में फंसे कांग्रेस के दिग्गज, मचा हडकंप

सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित लिफ्ट में हुई घटना, लिफ्ट के भीतर नहीं थे इमरजेंसी या हैल्पलाइन नंबर, पुराने मॉडल की होने के कारण लिफ्ट में पॉवर बैकअप भी नहीं

पुनीत शर्मा / जयपुर। सचिवालय ( Secretariat )में बिजली गुल होने का खामियाजा यहां लगी दो लिफ्टों से आने जाने वाले अधिकारियों, कार्मिकों और आगुंतकों को उठाना पड़ रहा है। बुधवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। सचिवालय में दोपहर बाद बनीपार्क ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनोज मुदगल परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ( Pratap Singh Khachariyawas ) से मिल कर मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित लिफ्ट से नीचे उतर रहे थे। जैसे ही लिफ्ट भूतल पर पहुंची वैसे ही बिजली गुल हो गई।

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बिजली गुल होने से लिफ्ट का संचालन बंद हो गया और दरवाजा नहीं खुला। ब्लॉक अध्यक्ष मुदगल ने मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के कार्यालय में फोन किया। वहां से दो कर्मचारी आए और कर्मचारियों ने किसी तरह धक्के से लिफ्ट के दरवाजे को खोला तब कहीं जाकर सभी लोग लिफ्ट से बाहर निकल सके। इस दौरान पांच मिनिट तक सभी लिफ्ट में फंसे रहे। कुछ देर बाद बिजली आने पर लिफ्ट का संचालन सुचारू हो सका।

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इस घटनाक्रम के बाद चौंकाने वाली बात यह रही कि लिफ्ट के भीतर किसी भी तरह के इमरजेंसी या हैल्पलाइन नंबर नहीं लिखे हुए थे। जिससे ऐसी स्थिति में लिफ्ट में सवार किसी को फोन करके मदद मांग सके।

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साथ ही लिफ्ट काफी पुराने मॉडल की होने के कारण लिफ्ट में पॉवर बैकअप भी नहीं था। अगर पॉवर बैकअप की सुविधा होती तो सचिवालय की बिजली गुल होने पर भी लिफ्ट का दरवाजा आसानी से खुल जाता।

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pushpendra shekhawat Desk
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