20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जेडीए ने प्रस्ताव भेजा 2392 पदों का, वित्त विभाग ने स्वीकृति दी 1958 की

-उलटी चाल: कैडर स्ट्रेंथ के नाम पर कम हो गई पदों की संख्या

2 min read
Google source verification
जेडीए ने प्रस्ताव भेजा 2392 पदों का, वित्त विभाग ने स्वीकृति दी 1958 की

जेडीए ने प्रस्ताव भेजा 2392 पदों का, वित्त विभाग ने स्वीकृति दी 1958 की

जयपुर. जेडीए में ठेका प्रथा समाप्त करने के लिए लम्बे समय से कैडर स्ट्रेंथ की चर्चा चल रही थी। सरकार ने मुहर तो लगा दी। लेकिन, इसका ज्यादा फायदा होता नहीं दिख रहा। क्योंकि पहले से जेडीए में 1958 पद स्वीकृत थे। सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए 219 पदों को समाप्त कर दिया और 183 पद सृजित कर दिए थे। ऐसे में जेडीए में पदों की संख्या 1922 रह गई। जबकि, जेडीए ने फरवरी, 2022 में जो प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा था, उसमें 2392 पद किए जाने की मांग की गई थी। आइटी शाखा में सर्वाधिक पद इनफॉर्मेटिक असिस्टेंट के बढ़ाए हैं। पहले पांच पद स्वीकृत थे, अब इनको बढ़ाकर 88 कर दिया है।

समझें पदों की स्थिति

शाखा स्थायी समाप्त सृजित कुल

प्रशासनिक 523 84 26 465

इंजीनियरिंग 228 77 10 161

नगर नियोजक 46 23 04 27

लेखा अनुभाग 91 03 14 102

विधि 29 00 06 35

उद्यानिकी 37 28 18 27

प्रवर्तन 69 04 16 81

आइटी 15 00 89 104

खास-खास

-अतिरिक्त आयुक्त (पृथ्वीराज नगर) का नाम अतिरिक्त आयुक्त (पीआरएन एवं पुनर्वास) होगा।

-उपायुक्त के कुल 31 में से 21 पद राजस्थान प्रशासनिक सेवा और शेष 10 पद जेडीए सेवा के होंगे।

-जेडीए में कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता के पदों पर नवीन नियुक्तियां नगरीय विकास विभाग के माध्यम से होंगी।

ये समाप्त हो जाएंगे

-लिफ्ट ऑपरेटर कार्मिक की सेवानिवृत्त के बाद पद समाप्त हो जाएगा।

-इंजीनियरिंग शाखा में हेल्पर, वायरमैन, फिटर, वायरमैन ग्रेड-2, और सर्वेयर के पदों को खत्म कर दिया गया है।

प्रवर्तन शाखा को और किया मजबूत

-डिप्टी कंट्रोलर के पद चार से बढ़ाकर छह कर दिए।

-प्रवर्तन अधिकारियों के पद 15 से बढ़ाकर 18 कर दिए।

-फील्ड असिस्टेंट के पद 16 से बढ़ाकर 20 किए।

-कांस्टेबल के पद 24 से बढ़ाकर 30 किए।

अभी ये हाल

-283 जेडीए सेवा के कर्मचारी हैं

-395 प्रतिनियुक्ति पर दे रहे जेडीए में सेवाएं

-200 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचार कर रहे काम

कैडर स्ट्रेंथ उम्मीद के मुताबिक नहीं हुआ। सरकार ने संख्या को और कम कर दिया। इससे न तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी और न ही ठेका पद्धति समाप्त होगी। जब तक स्थायी कर्मचारी नहीं होंगे, तब तक काम की गुणवत्ता में भी सुधार संभव नहीं है।

-बाबू लाल मीणा, अध्यक्ष, जेडीए कर्मचारी एवं अधिकारी परिषद