जयपुर। जेएलएफ में रविवार को शाम चार बजे ब्लड लेगसी पुस्तक पर चारबाग में चर्चा हुई। लेखक एलेक्स रेंटन से सतनाम संघेरा ने सवाल किए। लेखक ने कहानी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब 1833 में अधिकांश ब्रिटिश साम्राज्य में ब्रिटिश कैरेबियाई दासता को समाप्त कर दिया गया था। तो यह नव मुक्ति नहीं थी। दसियों को हजारों में और गुलामों को सरकारी पैसे से लाखों पाउंड का भुगतान किया गया था। उनमें से कुछ गुलाम मालिकों के वंशज आज ब्रिटेन के सबसे धनी और सबसे शक्तिशाली लोगों में से हैं।
उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसी किताब नहीं है जो पूरी तरह से इतिहास के बारे में लिखी गई हो। यह इस बारे में है कि इतिहास ने उन समाजों को कैसे बनाया है जिनमें हम अब रहते हैं।
ब्लड लेगसी इस बात की पड़ताल करती है कि कौन सी विरासत, राजनीतिक, आर्थिक, नैतिक और आध्यात्मिक गुलाम मालिकों के वंशजों और गुलामों के वंशजों को दी गई है।
लेखक ने बताया कि इसको अपनी लोकप्रिय पुस्तक बताया। लेखक ने पूर्ववर्ती कार्यों के माध्यम से अपने पाठकों का मार्गदर्शन करने के लिए वर्तमान काल का उपयोग किया है।