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जस्टिस पानाचंद जैन की पुस्तक बताती है देश के प्रति हमारा कर्तव्य क्या है: शेखावत

न्यायमूर्ति पानाचंद जैन की पुस्तक 'भारतीय जनतंत्र: संवैधानिक परिप्रेक्ष्य' का लोकार्पण रविवार को जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Dec 12, 2021

जस्टिस पानाचंद जैन की पुस्तक बताती है देश के प्रति हमारा कर्तव्य क्या है: शेखावत

जस्टिस पानाचंद जैन की पुस्तक बताती है देश के प्रति हमारा कर्तव्य क्या है: शेखावत

जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया पुस्तक का लोकार्पण
जस्टिस वीएस दवे भी रहे कार्यक्रम में मौजूद
जयपुर।
न्यायमूर्ति पानाचंद जैन की पुस्तक 'भारतीय जनतंत्र: संवैधानिक परिप्रेक्ष्य' का लोकार्पण रविवार को जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। कनोडिया कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कहा कि हम सभी को समाज में अपनी अपनी भूमिकाओं का आकलन करने की जरूरत है तभी हम देश के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। उनका कहना था कि मैं यह मानता हूं कि आजादी के संघर्ष ने हमारे मन में लडऩे का जज्बा पैदा किया। समाज के लिए संघर्ष करने की यह ताकत हमें संविधान ने और संविधान की व्याख्या करने वाले लोगों ने हमें दी लेकिन इस अधिकार की दौड़ में हम कहीं ना कहीं अपने कर्तव्यों को भूल गए। जरूरत इस बात की है कि हम अपने बच्चों में कर्तव्य बोध की भावना पैदा कर सके। यह काम शिक्षकों के साथ अभिभावकों का है। आज कर्तव्य बोध के जागरण की आवश्यकता है और जस्टिस पानाचंद जैन की पुस्तक हमें यह बताती है कि देश के प्रति हमारा कर्तव्य क्या है।
हम देश को सशक्त बनाने के रास्ते पर चल रहे हैं लेकिन हमें आत्ममुग्ध नहीं होना है क्योंकि आत्ममुग्धता ठहराव लाती है। हमें इस बात पर आकलन करना है कि समाज में जो भूमिका हम निभा रहे हैं उसे हम कहां तक पूरा कर पाए हैं।
वहीं जस्टिस पानाचंद जैन को लेकर उनका कहना था कि जिनकी कलम के हस्ताक्षर ने एक अखबार को नई ऊचंाइयों पर पंहुचाया था।
देरी से आने के लिए मांगी माफी
शेखावत ने कार्यक्रम में देरी से आने के लिए भी माफी मांगी। उनका कहना था कि तकरीबन डेढ़ साल पहले जब मैं जस्टिस पानाचंद जैन के घर गया था उसी दिन यह निश्चित किया गया था कि पुस्तक प्रकाशित होकर आने वाली है जिसके लोकार्पण में मुझे आना है लेकिन फिर कोविड के कारण एेसा नहीं हो सका। इसके बाद मैं अपनी व्यस्तताओं के कारण से समय नहीं निकाल पाया। मैं इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकता कि एक जस्टिस की पुस्तक के लोकार्पण में जाना है वह भी एक कॉलेज में जहां शिक्षक भी है एेसे कार्यक्रम में देरी से आऊं लेकिन आज यहां राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम था एेसे में सड़क पर काफी अवरोध थे जिसके कारण देरी हो गई। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में जस्टिस वीएन दवे ने जस्टिस पानाचंद जैन के जीवन से जुड़े हुए संस्मरण सुनाए और हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति ओम थानवी ने जैन की पुस्तक को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में कनोडिया कॉलेज के शिक्षकों के साथ जैन
वहीं कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए शेखावत ने कहा कि राहुल गांधी ने आज जो वक्तव्य दिया है वह उनकी कुंठित मानसिकता को दर्शाता है। इसके लिए उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।