
अखंड सुहाग के लिए रखा निर्जल व्रत, सुनी चौथ माता की कथा
जयपुर. अखंड सुहाग की रक्षा और पिया की स्नेह की डोर और प्रगाढ़ करने के लिए सुहागिन महिलाएं आज करवा चौथ पर चंद्र दर्शन के साथ छलनी की ओट में पिया का मुखड़ा निहारेंगी। करवा चौथ को लेकर घरों में पूरी तैयारियां की गई है। महिलाओं ने सुबह स्नान करने के बाद निर्जल व्रत का संकल्प लिया। व्रत को लेकर सुहागिन महिलाओं खास कर नवविवाहितओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। महिलाएं दिनभर निर्जल रह कर व्रत रखेंगी तथा रात में चंद्र दर्शन के बाद अघ्र्य देने के बाद ही व्रत खोलेंगी। आज रात 8.21 बजे चंद्रोदय होगा। विवाहित महिलाओं ने जहां पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखा वहीं युवतियों ने अच्छे वर के लिए व्रत रखा है। कुछ सालों के अविवाहित युवतियों के भी अच्छे वर या मंगेतर के लिए व्रत रखने की नई परंपरा शुरू हुई। जिसके चलते अब बड़ी संख्या में अविवाहित युवतियां भी इस व्रत को करने लगी है।
बाजारों में रौनक
एक दिन पहले से ही महिलाओं ने व्रत की तैयारियां शुरू कर दी थी। देर रात तक महिलाओं ने पर्व के लिए जम कर खरीदारी की, जिससे बाजारों में काफी रौनक रही। पत्नियों ने जहां पूजा सामग्री एवं सोलह शृंगार का सामान खरीदा, वही पतियों ने भी उपहार खरीदे।
मंदिर में पूजा अर्चना
शहर के गोपालजी की रास्ता स्थित मंदिर में चौथ माता व गणेश जी का सुबह अभिषेक करने के बाद लाल रंग की पोशाक धारण करवा कर मनमोहक शृंगार किया गया। महिलाओं ने स्नान करने के बाद चौथ माता के मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। चौथ माता के मंदिर में सुबह से ही करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं का तांता लगा रहा। महिलाओं ने चौथ माता व गणेश जी की पूजा कर कथा सुनी। इसके बाद माता को 16 शृंगार एवं सुहाग की सामग्री अर्पित की और पति की दीर्घायु की कामना के साथ माता के दरबार में रक्षा सूत्र बांधे। इसके बाद अपने से बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। उधर चौथ का बरवाड़ा स्थित चौथ माता के मंदिर में भी महिलाओं की खासी भीड़ नजर आई।
Published on:
13 Oct 2022 12:21 pm
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