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Guruvayur Temple के पास 263 किलो सोना, 1737 करोड़ बैंक बैलेंस

श्रद्धा अपार : आरटीआइ के जवाब में हुआ केरल के मंदिर की संपत्ति का खुलासा। 271.05 एकड़ जमीन भी संपत्ति में, कीमत का आकलन बाकी।

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जयपुर

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Aryan Sharma

Jan 24, 2023

Guruvayur Temple के पास 263 किलो सोना, 1737 करोड़ बैंक बैलेंस

Guruvayur Temple के पास 263 किलो सोना, 1737 करोड़ बैंक बैलेंस

तिरुवनंतपुरम. केरल में त्रिशूर जिले के प्रसिद्ध गुरुवायुर श्रीकृष्ण मंदिर (Guruvaur Sree Krishna Temple) के पास 263.637 किलोग्राम का सोना और 1,737.04 करोड़ का बैंक बैलेंस है। मंदिर की संपत्ति में 271.05 एकड़ जमीन शामिल है, जिसकी कीमत का आकलन किया जाना है। एक आरटीआइ (RTI) के जवाब में यह खुलासा हुआ।
मंदिर प्रशासन ने पहले संपत्ति का ब्योरा देने से इनकार कर दिया था। एक अपील के बाद आरटीआइ के जवाब में बताया गया कि मंदिर के पास 6,605 किलो चांदी, 19,981 सोने के लॉकेट और 5,359 चांदी के लॉकेट हैं। संपत्ति में कीमती पत्थर और सिक्के शामिल हैं। गुरुवायुर के एमके हरिदास और प्रॉपर चैनल नाम की संस्था ने आरटीआइ दाखिल की थी। हरिदास का कहना है कि मंदिर के विकास और भक्तों के प्रति मंदिर प्रशासन की उपेक्षा ने उन्हें आरटीआइ के जरिए ब्योरा मांगने के लिए प्रेरित किया। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, 2016 में पिनराई विजयन के सत्ता में आने के बाद उन्हें राज्य सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली।

सदियों पुराना मंदिर, सिर्फ हिंदुओं को प्रवेश
गुरुवायुर मंदिर सदियों पुराना है। यहां भगवान विष्णु को कृष्ण के रूप में पूजा जाता है। हर साल देशभर से हजारों लोगों दर्शन और पूजा-पाठ के लिए आते हैं। गुरु और वायु के नाम पर मंदिर का नाम गुरुवायुर रखा गया। मंदिर में सिर्फ हिंदुओं को प्रवेश मिलता है। मंदिर को श्रद्धालुओं से दान के रूप में नकदी के अलावा सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य रत्न प्राप्त होते हैं।

द्वारिका से बहकर आई थी मूर्ति
मान्यता है कि केरल में त्रिशूर जिले के गुरुवायुर मंदिर की मूर्ति द्वारिका की है। प्राचीन काल में द्वारिका में आई बाढ़ से यह मूर्ति बहती हुई गुरु बृहस्पति को मिली थी। मूर्ति की स्थापना के लिए जगह ढूंढते हुए वह केरल पहुंचे। यहां उन्हें शिव-पार्वती ने दर्शन दिए। भगवान शिव के कहने पर मूर्ति गुरुवायुर में स्थापित की गई।

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